अखिल भारतीय श्री जैन दिवाकर संगठन समिति द्वारा वरिष्ठ श्रावकों को घर-घर जाकर दिया जा रहा सम्मान


रतलाम 4 अगस्त। महापुरुषों का जीवन स्वयं एक प्रकाश पुंज होता है, जो पीढ़ियों को सत्य, अहिंसा और सदाचार के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। लोकनायक संत, जगत वल्लभ, संघ एकता के अग्रदूत एवं प्रसिद्ध वक्ता पंडित रत्न जैन दिवाकर पूज्य गुरुदेव श्री चौथमल जी महाराज का दिव्य व्यक्तित्व और कालजयी कृतित्व युगों-युगों तक स्मरणीय रहेगा। उक्त विचार अखिल भारतीय श्री जैन दिवाकर संगठन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आई. एम. सेठिया ने नीमचौक जैन स्थानक पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। अवसर था रतलाम के उन वरिष्ठ श्रावकों को “जैन दिवाकर रत्न सम्मान” अर्पित करने का.।
डॉ. सेठिया ने सम्मान व्यक्त करते हुए कहा की “जिन्होंने पूज्य गुरुदेव के दर्शन और उनके साहित्य का लाभ प्राप्त किया है, उनका सम्मान करना हमारे लिए गुरुदेव के प्रति सच्ची श्रद्धा प्रकट करने का एक पावन माध्यम है।”
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी निलेश बाफना ने जानकारी देते हुए बताया कि अखिल भारतीय जैन दिवाकर संगठन समिति के राष्ट्रीय अधिवेशन में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। इसके तहत पूरे देश में उन वरिष्ठ श्रावकों को, जिन्होंने पूज्य गुरुदेव के दर्शन किए हैं, उनके घर जाकर सम्मान प्रदान किया जा रहा है। इसी कड़ी में रतलाम श्रीसंघ के वरिष्ठ श्रावक: सुशील जी ओरा, भंवर लाल जी बाफना, मदनलाल जी मेहता, ब्रजलाल जी बोथरा, घेवर मल जी बोथरा को “जैन दिवाकर रत्न सम्मान” से अलंकृत किया गया।
राष्ट्रीय प्रवक्ता जयंतीलाल डांगी ने बताया कि देशव्यापी अभियान के तहत वरिष्ठ श्रावकों का बहुमान निरंतर जारी है। इस गरिमामय अवसर पर संगठन और समाज के युवा संगठन: राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश मेहता, महामंत्री कमलेश दुग्गड, श्रीसंघ अध्यक्ष अजय खिमेसरा, संघ रत्न इंदर मल जैन, संघ गौरव महेन्द्र बोथरा, मणिलाल कटारिया, सुरेश कटारिया, विनोद बाफना, प्रकाश मेहता, अमृत कटारिया, विनोद कटारिया, महेन्द्र चानोदिया, आशीष कटारिया, वीरेंद्र कटारिया, अरिहंत बोराणा, अशोक लालवानी, दिलीप मेहता,गुणवंत मालवी, दिनेश पटवा, पंकज पटवा, विपिन श्री श्रीमाल, प्रितेश कटारिया सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।