
रतलाम। 16वें भारतीय अंगदान दिवस (3 अगस्त) के अवसर पर महात्मा गांधी शासकीय मेडिकल कॉलेज में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन, रतलाम को अंगदान एवं देहदान के क्षेत्र में वर्षों से किए जा रहे उत्कृष्ट जनजागरण और सेवा कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह का शुभारंभ पद्मश्री जनक पलटा बहन तथा प्रदेश के विभिन्न शासकीय मेडिकल कॉलेजों के अधिष्ठाताओं की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ।इस अवसर पर डॉ. शशि गांधी, डॉ. अनीता मुथा, डॉ. नवनीत सक्सेना, डॉ. दादू तथा मुस्कान ग्रुप इंदौर के वरिष्ठ सेवादार संदीपन आर्य सहित अनेक अतिथियों ने रतलाम में अंगदान जनजागरण के क्षेत्र में काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की।
डॉ. अनीता मुथा ने अपने उद्बोधन में हाल ही में आयोजित जीवन धारा कार्यशाला का उल्लेख करते हुए बोन मैरो ट्रांसप्लांट विषय पर काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन एवं विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं द्वारा दिए गए उल्लेखनीय सहयोग की प्रशंसा की। उन्होंने रतलाम मेडिकल कॉलेज को भविष्य में मिलने वाली नई स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सौगातों की भी जानकारी साझा की। डॉ. शशि गांधी ने मंदसौर मेडिकल कॉलेज को देहदान के माध्यम से प्राप्त सहयोग के लिए काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने की अपेक्षा जताई।
समाजसेवी संदीपन आर्य ने कहा कि रतलाम में अंगदान एवं देहदान जागरूकता के लिए आयोजित अनेक कार्यशालाओं और अभियानों में काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। पद्मश्री जनक पलटा बहन ने अपने प्रेरक संबोधन में सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य समाज के प्रति अपना ऋण चुकाना है। उन्होंने अंगदान एवं अंग प्रत्यारोपण से जुड़े सभी प्रेरणास्रोतों का मंच पर स्वागत एवं अभिनंदन किया।
कार्यक्रम के आयोजक डॉ. अरविंद घनघोरिया ने ब्रेन डेथ के बाद अंगदान की प्रक्रिया, ग्रीन कॉरिडोर, प्रशासन, पुलिस, यातायात विभाग तथा सहयोगी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। समारोह के अंत में सभी उपस्थितजनों ने अंगदान एवं देहदान के प्रति जन-जन में जागरूकता फैलाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इस महादान के लिए प्रेरित करने का सामूहिक संकल्प लिया।