स्थानकवासी जैन समाज की परम्परानुसार सादगीपूर्ण रूप से हुआ मंगल प्रवेश, धर्मसभा का हुआ आयोजन





मन्दसौर। रविवार को जीवागंज स्थित जनकूपुरा स्थानक भवन में चातुर्मास हेतु राष्ट्रसंत व श्रमण संघीय मंत्री प.पू. श्री कमलमुनिजी कमलेश का मंगल प्रवेश हुआ। कमलमुनिजी के साथ प.पू. श्री घनश्याममुनिजी, श्री गौतममुनिजी, श्री कौशलमुनिजी, श्री अक्षतमुनिजी म.सा. का चातुर्मास हेतु मंगल प्रवेश हुआ। स्थानकवासी जैन समाज की परम्परानुसार श्री कमलमुनिजी कमलेश ठाणा आदि 5 का जनकूपुरा स्थानक में चातुर्मास हेतु मंगल प्रवेश धर्मालुजनों के द्वारा कराया गया। इसके पूर्व बस स्टेण्ड स्थित श्री गोपालकृष्ण गौशाला में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ मंदसौर सहित पूरे स्थानकवासी जैन समाज में कमलमुनिजी कमलेश की अगवानी की तथा उनका दर्शन वंदन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर गौशाला परिसर में रामलाल निहालचंद पोरवाल परिवार की ओर से नवकारसी का आयोजन किया गया। नवकारसी के उपरांत सादगीपूर्ण रूप से संतों के चातुर्मास हेतु चल समारोह निकला। श्रावक-श्राविकाओं ने भगवान महावीर के जयकारे लगाते हुए श्री कमलमुनिजी कमलेश एवं अन्य चार जैन संतो ंके सानिध्य में चातुर्मास प्रवेश जुलूस प्रारंभ किया। श्री गोपालकृष्ण गौशाला से होकर यह चल समारोह कालाखेत, नयापुरा रोड़, जीवागंज होते हुए जनकूपुरा स्थानक पहुंचा। यहां विशाल धर्मसभा का भी आयोजन हुआ।
राष्ट्रसंत कमलमुनिजी कमलेश ने कहा कि मंदसौर का स्थानकवासी जैन समाज धार्मिक कार्याें में अग्रणी रहने वाला समाज है। इस समाज की अपनी गौरवशाली परम्परा है। जनकूपुरा का यह स्थानक भवन गुरू जैन दिवाकर चौथमलजी म.सा. की तपोभूमि रही है। गुरू श्री मुलमुनिजी म.सा. सहित कई जैन संतों का यहां चातुर्मास हुआ है। हम भी भाग्यशाली है जिन्हें यहां वर्षावास करने का अवसर मिल रहा है। आपने कहा कि धर्म का हम सही स्वरूप समझे, धर्म मानव को मानव से जोड़ने का माध्यम बने तोड़ने का नहीं। वर्तमान समय में धर्म का जो स्वरूप सामने आ रहा है उसमें हमारी भूमिका सकारात्मक हो, नकारात्मक नहीं। हम उदारवादी बने कट्टरपंथी नहीं। सभी धर्मो पंथों का सम्मान करे ताकि हम मानव कहलायेंगे।
धर्मसभा में संतगण भी पाठ पर विराजित थे। धर्मसभा में स्वागत उद्बोधन देते हुए श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ जनकूपुरा अध्यक्ष श्री अनिल संचेती ने कहा कि 2017 में गुरू उपाध्याय श्री मुलमुनिजी म.सा. का यहां चातुर्मास हुआ था।उसी समय से श्री संघ की भावना थी कि कमलमुनिजी कमलेश का चातुर्मास जनकूपुरा श्री संघ को प्राप्त हो। आज यह शुभ अवसर हमें मिलाहै। गुरूदेव राजकोट अहमदाबाद से उग्र विहार कर चातुर्मास हेतु मंदसौर की पुण्य धरा पर पधारे है। यह स्थानक भवन लगभग 300 वर्ष पुराना है। गुरू जैन दिवाकर चौथमलजी को जैन दिवाकर की उपाधि यही मिली और उनका भी यहां चातुर्मास हुआ है। मेरा पूरे जैन समाज ही नहीं पुरे मंदसौर नगरवासियों से आग्रह है िक वे यहां आकर गुरूदेव के अमृतमयी प्रवचन का धर्मलाभ ले।
धर्मसभा में पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रातड़िया, सकल जैन समाज अध्यक्ष राजमल गर्ग अंकित, संयोजक सुरेन्द्र लोढ़ा, पूर्व अध्यक्ष गजराज जैन, राजकोट की आशा बहन जैन ने भी अपने विचार रखे।
धर्मसभा में मूल बहू मण्डल, जनकूपुरा व शहर महिला मण्डल की सदस्याओं ने स्वागत गीत भी प्रस्तुत किया। धर्मसभा का संचालन विजय खटोड़ ने किया। मंगल प्रवेश एवं धर्मसभा में सैकड़ों की संख्या में धर्मालुजनों ने सहभागिता की।
50 से अधिक श्री संघों के प्रतिनिधि आये- राष्ट्रसंत कमलमुनिजी के चातुर्मास मंगल प्रवेश में देश व प्रदेश के 50 से अधिक श्री संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए। निम्बाहेड़ा, नीमच, जावरा, डूंगला, उदयपुर, चित्तोड़गढ़, मावली, भीलवाड़ा, राजकोट, निम्बोद, ढोढर, रिंगनोद, प्रतापगढ़, अरनोद, बड़ी सादड़ी, छोटी सादड़ी, पिपलोदा, दलौदा, संजीत, सीतामऊ, पिपलियामंडी, मंगलवाड़ (राज.), अफजलपुर, नगरी, धमनार आदि श्री संघों के प्रतिनिधि कमलमुनिजी कमलेश के चातुर्मास हेतु मंगल प्रवेश में शामिल हुए और उन्होंने उनके दर्शन वंदन कर धर्मसभा में प्रवचन का धर्मलाभ लिया।
इनका किया गया बहुमान- धर्मसभा में निम्बाहेड़ा के शांतिलाल मारू, मोतीलाल रांका, बसंतीलाल सियाल जैन एवं राजकोट की आशा बहन का बहुमान किया गया। धर्मसभा में नवकारसी के लाभार्थी राजेन्द्र रामलाल निहालचंद पोरवाल परिवार व स्वामी वात्सल्य के लाभार्थी सुशील सागरमल तरवेचा परिवार का भी बहुमान किया गया।
महिलाओं ने कलश व जैन प्रतीक चिन्ह लेकर भागीदारी की- चातुर्मास मंगल प्रवेश में पुरूषों के साथ महिलाओं की भी उपस्थिति रही। महिलाओं ने चातुर्मास मंगल प्रवेश चल समारोह में सिर पर कलश धारण कर व जैन प्रतीक चिन्ह लेकर भागीदारी की। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ जनकूपुरा, शहर, खानपुरा, नईआबादी श्रीसंघों की महिला सदस्याओं ने पूरे चल समारोह में बढ़चढ़कर भागीदारी की तथा भगवान महावीर के जयकारे लगाते हुये संतों को मंगल प्रवेश कराया।
ये धर्मालुजन हुए शामिल- चातुर्मास मंगल प्रवेश व धर्मसभा में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ जनकूपुरा अध्यक्ष अनिल संचेती, महामंत्री विजय खटोड़, उपाध्यक्ष विजय दुग्गड़, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र पोरवाल, उपमंत्री सुशील संचेती, कोठारी कोमलसिंह दुग्गड़, कार्यकारिणी सदस्य रवि पोरवाल नवकार, नरेन्द्र मारू, संजय तरवेचा, विरेन्द्र मारू, यशपाल बाफना, संजय पोरवाल नवकार, कमलेश जैन, मोहनलाल कामरिया, अनिल नाहर, महिला मण्डल की प्रमुख शशि मारू, जमना बाफना, शिखा दुग्गड़, मधु कड़ावत, डिम्पल पोरवाल, अनिता हेमन्त मेहता, रूपल संचेती, चंदा संचेती, श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ नईआबादी अध्यक्ष अशोक उकावत, महामंत्री मनोहर नाहटा, पूर्व अध्यक्ष विनोद कुदार, शहर कार्यवाहक अध्यक्ष नरेन्द्र राका, खानपुा श्री संघ अध्यक्ष अशोक मारू, महामंत्री अजीत नाहर, समाजसेवी कांतिलाल रातड़िया, नरेन्द्र मेहता, समाजसेवी विनोद मेहता, सुभाष नाहर, पवन जैन जवाहरलाल जैन, आशीष उकावत, संजय जैन प्रिन्टर्स, रत्नेश कुदार, नरेन्द्र मेहता, जैन दिवाकर विचार मंच के आशीष चौरड़िया, अजीत खटोड़, संजय पोरवाल नवकार, मनीष भटेवरा, महावीर जैन पत्रकार, मानसिंह मारू, लोढ़े साथ जैन समाज अध्यक्ष सुरेन्द्र नलवाया, श्री साधुमार्गी शांत क्रांति जैन श्रावक संघ संरक्षक गजराज जैन, अध्यक्ष विमल पामेचा, पदाधिकारीगण शिखर कासमा, हस्तीमल जैन, सुरेन्द्र भण्डारी, सागरमल जैन गरोठ वाला, राजेन्द्र भटेवरा, लोकेन्द्र भण्डारी, अनिल डूंगरवाल, दिनेश जैन, संजय जैन गरोठवाला, विनोद मेहता, सुभाष मारू, विकास जैन, पारस जैन, समाजसेवी निर्विकार रातड़िया, गोपी अग्रवाल, रमेश जैनपोरवाल, संजय लोढ़ा, निलम विरवाल, सुशील तरवेचा, ऋषभ मारू आदि धर्मालुजनों ने सहभागिता की।