


महाड़ । महाड़ नगर में चल रहे यशस्वी एतिहासिक चातुर्मास 2022 के अंतर्गत प.पू.परोपकार सम्राट आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा.की चौउदहवी मासिक पुण्यतिथि सामुहिक तपस्या दिपक एकासना द्वारा मनाई गई। प.पू.प्रवचनदक्ष मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.ने कहा गुरु-शिष्य परिवार के लिए,संघ समाज के लिए छत्र होते हैं और छत्र के न होने पर कई प्रकार की आपदाये आती है। छत्र न हो तो बारिश व धूप से बचना मुस्किल होता है। एसे ही संकट की बारिश व दुख की धूप से बचाने वाले गुरु होते हैं। परोपकार सम्राट गुरुदेव श्री की मासिक पुण्यतिथि पर कोटि कोटि वंदन करते हुए प्रार्थना करते हैं गुरुदेव कृपा की बारिश ऐसे ही बरसाते रहना। धर्मसभा में सर्वप्रथम श्रीसंघ ने गुरुदेव को गुरुवंदन किया। मुनिश्री ने मंगलाचरण किया। प्रभु एवं गुरुचित्र पर माल्यार्पण किया गया। भक्तामर व गुरु चालीसा पाठ व सुरी ऋषभ इक्कीसा का पाठ किया गया। गौतम स्वामीकी एवं सुरीराजेंद्र की आरती दीपक एकासणा के लाभार्थी प्रवीण कुमार राजेश कुमार छोगमलजी परमार ने की। सुरी ऋषभ की आरती का लाभ अशोकजी शाह ने लिया। मुनिश्री ने सभी को सामुहिक पच्चक्खाण दिये, देवंदन एवं सभी क्रिया कराई। 30 घर की संख्या वाले श्रीसंघ में 60 से अधिक संख्या में आरोधको ने तपस्या की। 8 वर्ष तक के बच्चे विशेष रूप से जुड़े हुए थे। एकासना भवन में प्रभु एवं गुरु चित्र समक्ष दीप प्रकट करने वाले लाभार्थी परिवार के छोगमलजी प्रविण कुमारजी राजेशजी यश रोनक वंश कटारिया परिवार महाड़ थे । मुनिश्री ने मंगल पाठ सुनाया। सभी ने समय मर्यादा में एकासना पूर्ण किया। चातुर्मासिक ग्रंथ सिंदूर प्रकर एवं चंद्रराज़ चरित्र पर धारदार सुंदर प्रवचन हो रहे हैं। (म.प्र.) इंदौर से पधारे विनोदजी खाबिया का श्री संघ ने बहूमान किया ।आसपास के इंदापुर मानगांव तलेगांव के गुरुभक्त पधारे व दर्शन वंदन का लाभ लिया। सोमवार से 10 यतिधर्म तप प्रारंभ किया जा रहा है। प्रवीणजी कटारिया व विनोदजी प्रीतिबेन खाबिया इन्दोर द्वारा तपस्वीयों की प्रभावना की गई। रविवार को बच्चों का ज्ञान शिविर संपन्न हुआ। 2 घंटे चले शिविर में बच्चों ने प्राथमिक ज्ञान अभ्यास किया। अल्पाहार व शिविर का लाभ लादुलालजी गांधी को मिला।