- बेटे के लिए मां की ममता मौत को भी गले लगा लेती है
- माता पिता को नजरअंदाज कर अपमान करने वाले बेटे के लिए मैं कहना चाहूंगा आंखें होते हुए भी वे अन्धे हैं


महाड़ । परोपकार सम्राट आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा.के सुशिष्य प्रवचनदक्ष युवाशिविर प्रेरक मुनिप्रवर श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.ने माता-पिता मेरे भगवान शिविर सभा में कहां माता-पिता जन्म दाता, मालिक जीवन दाता और गुरु धर्मदाता है। इस जीवन पर कई लोगों का उपकार है किन्तु आज मात पिता के उपकार की चर्चा करनी है। गर्भ से लेकर जन्म तक – जन्म से लेकर जीवन के अंतिम क्षण तक बेटे की ही चिन्ता फिक्र करने वाली जन्मदात्री मां होती है । ऐसी उपकारी मां का कभी दिल दुखाना नहीं। बेटे के लिए मां की ममता मौत को भी गले लगा लेती है। मां के बलिदान को आज की संताने क्या याद रखेंगी,वे थोड़े सक्सेस होते हैं,थोड़ी ऊंचाईपर पहूंचते है, थोड़ी सफलता मिलती है और माता पिता परिजनों को नजर अंदाज कर देते हैं। उन्हें दिखाई नहीं देता कि कोई अपना भी ध्यान देने वाला या उपकार करने वाला इस दुनिया में है। ऐसी संतानों के लिए मैं कहना चाहूंगा आंखें होते हुए भी वे अन्धे हैं। मुनिश्री ने देश के दार्शनिक सांस्कृतिक महापुरुषों के जीवन प्रसंग सुनाए,जिन्होंने निरअहंकार भाव से माता-पिता की सेवा और भक्ति की एसे श्रवण कुमार महात्मा गांधी राम महावीर आदि के जीवन की मातृ भक्ति बातें स्मरण कराई। किसी ने सुंदर पंक्तियां कही है, चाहे लाख करो तुम पूजा तीरथ करो हजार, माता पिता की सेवा न कि सब कुछ ही है बेकार। सागर की गहराई है, आसमां का विस्तार, इनसे भी बडकर है माता का उपकार। करीब 2 घंटे चले शिविर में कई बार श्रद्धालुओं की आंखें छलक पडी,मुनिश्री भी बोलते बोलते द्रवित हो गये । शिविर में पुरुष वर्ग सफेद वेशभूषा में महिला वर्ग लाल ड्रेस कोड में अनुशासन का परिचय दे रहे थे। शिविर पश्चात मुनिश्री ने सभी तपस्वीयो को सामुहिक पच्चक्खाण दिया। मां की महिमा पर लादुलालजी गांधी ने सुंदर गीत प्रस्तुत किया। राजमलजी कोठारी,पवनजी देशरला एवं सम्पतजी देशरला ने अपने सुंदर विचार रखे और कहा कि हम जीवन के अंतिम श्वास तक भी माता-पिता को नहीं भूल सकते हैं । शिविर के पश्चात साप्ताहिक प्रश्न पेपर दिया गया अनेकों ज्ञानी जिज्ञासु ने इसमें भाग लिया। प्रश्न पेपर के बाद प्रश्न मंच में अनेको ज्ञान पिपासु को पुरस्कृत किया गया। श्री गौतम स्वामीजी की आरती का लाभ रामलालजी भंडारी ने लिया। नित्य प्रात: भक्तामर -गुरु चालीसा पाठ एवं प्रवचन का आयोजन समय अनुशासन में किया जा रहा है। प्रभु पूजा भक्ति देववंदन प्रतिक्रमण सभी आयोजनों में भी श्रद्धालु पूर्णतया जुड़ रहे हैं। प्रवचन पश्चात विशिष्ट प्रभावना व लक्की ड्रॉ में चांदी के रजोहरण दिए गये ।स्वल्पाहार का लाभ दिनेश राकेश जयेस लादुलालजी गांधी की और से रखा गया। आगामी रविवार को बच्चों का शिविर किया जावेगा। आज दापोली श्रीसंघ के महिला मंडल ने दर्शन वंदन का लाभ लिया।