अनुशासन की आधारशिला पर ही धर्म की मंजिल को खड़ा किया जा सकता है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

मंदसौर जीवा गंज 21 अगस्त 2022 । अनुशासन की आधारशिला पर ही धर्म की मंजिल को खड़ा किया जा सकता उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर प्रवचन हाल में तपस्वी श्री सत्यनारायण आठ दिवसीय तब अभिनंदन समारोह को संबोधित करते कहा कि अनुशासन ही साधना में ऑक्सीजन की तरह केमहत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।
उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता अपने आप में अधर्म पाप और पतन का कारण है अमृत जैसी की गई साधना भी जहर में परिवर्तित हो जाती है । मुनि कमलेश ने बताया कि विश्व के सभी धर्म और महापुरुषों ने आत्मानुशासन को सर्वोपरि धर्म बताया है अनुशासन में ही मोक्ष का निवास है । राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि अनुशासन के बिना कोई भी उन्नति के शिखर पर नहीं पहुंच सकता है अनुशासन करता के प्रति जिस में कृतज्ञ भाव होते हैं वही महान बन सकता है।
जैन संत ने कहा कि अनुशासन करता जिसको अखरता है गुलामी का एहसास करता है कांटे की भांति चुभता है उसका साक्षात परमात्मा भी भला नहीं कर सकते अनुशासन प्रिय आत्मा को देव शक्ति भी नमन करती है संघ की ओर से अध्यक्ष अनिल संचेती महिला मंडल बहू मंडल ने भी तपस्वी का सम्मान किया चौबीसी का आयोजन अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती संगीता चिपड़ चित्तौडग़ढ़ की ओर से आयोजित की गई संचालन अजीत खटोड़ ने किया।

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