परम पूज्य जैन संत मुनि श्री 108 विशल्य सागर जी मुनिराज का मंगल आशीर्वाद मैत्री समूह को प्राप्त हुआ

झुमरीतिलैया । श्री दिगंबर जैन समाज के नेतृत्व में चतुर्दशी महापर्व पर परम पूज्य जैन संत मुनि श्री 108 विशल्य सागर जी मुनिराज का मंगल आशीर्वाद मैत्री समूह को प्राप्त हुआ ।
प्रातः दोनों मंदिर जी मे अभिषेक शांतिधारा के पश्चात मैत्री समूह के सदस्यों द्वारा गुरूवर को मंगल विहार कराकर कार्यक्रम स्थल पर पहुँचने पर गुरूवर का मंगल स्वागत किया उसके पश्चात आचार्य श्री 108 विराग सागर जी महामुनिराज के चित्र का अनावरण का सौभाग्य कतारासगढ़ से आई अविना(प्रिया) आशीष पहाड़िया को ओर जैन संत के चरण धोने का ओर शास्त्र भेट का सौभाग्य मैत्री समूह को प्राप्त हुआ इसके बाद गुरुदेव मुनि श्री का मंगल प्रवचन हुवा जिसमे गुरूवर ने कहा कि जीवन मे लक दो अक्षर का,भाग्य ढाई अक्षर का,नसीब तीन अक्षर का,किस्मत साढ़े तीन अक्षर को बनाने वाला ओर 4 अक्षर का मेहनत कर इन चारों का निर्माण करने वाला पुरुषार्थ करोगे तो आपके जीवन में चमक आने लगेगी ।मेहनत ओर पुरुषार्थ जीवन को सफल बनाने में सबसे बड़ा योगदान होता है, किस्मत तो सबके पास होती है , लेकिन पुरुषार्थ और मेहनत करने से मनुष्य हमेशा अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है,प्रवचन के पश्चात चातुर्मास संयोजक सुरेन्द जैन,मंत्री ललित जैन सेठी,महिला समाज की अध्यक्षता नीलम सेठी ने मैत्री समूह के सदस्य मनीष-सिमा सेठी,संदीप-अंजना सेठी,अनूप-पिंकी सेठी,संजय-बबिता गंगवाल,नवीन-संगीता सेठी,अजय-अलका सेठी,ललित-अंजू छाबड़ा, राज कुमार अजमेरा आदि सदस्यों को माला ओर दुप्पट्टा पहनाकर स्वागत किया,रात्रि में जैन मंदिर में भक्तामर का पाठ, णमोकार मंत्र का पाठ के साथ भब्य आरती किया गया कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा,नवीन जैन ने दी।

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