जब तक संयम सादगी को नहीं अपनाएंगे तब तक प्राकृतिक प्रकोप बढ़ते जाएंगे – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

मंदसौर जीवा गंज 12 सितंबर 2022। प्राकृतिक आपदा को देव प्रकोप के रूप में प्रस्तुत करना गौर अज्ञानता है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने पत्रकारों को संबोधित करते कहा कि इंसान ने विलासिता और भौतिकवाद के चकाचौंध में आकर प्रकृति पर राक्षस बन के कहर ढाया है।
उन्होंने कहा कि पत्थर फेंककर सिर पर लगाना और दोष दूसरों पर करना उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। कमलेश ने कहा कि प्रकृति के साथ खिलवाड़ करके इंसान अपने पांव पर कुल्हाड़ी मार रहा है और दोष भगवान को दे रहा है । धरती के बढ़ते टेंपरेचर के लिए दोषी कौन इंसान या भगवान जवाब दें ।
राष्ट्रसंत ने जलवायु परिवर्तन के लिए इंसान को दोषी करार करते हुए कहा जब तक संयम सादगी को नहीं अपनाएंगे तब तक प्राकृतिक प्रकोप बढ़ते जाएंगे।
जैन संत ने बताया कि लंपी जैसी बीमारी गौ माता अकाल मौत का शिकार बना रही है सरकार कुंभकरण की नींद में सोई हुई है जब पानी सिर के ऊपर चला जाता है तब आंख खुलती है इंसान की करतूतों से ही पशु बीमार हो रहे हैं दुर्भाग्य है। अभी तक उनके दवाइयों की व्यवस्था तक में हो पा रही है सरकार ने कड़े कदम नहीं उठाए तो । अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली सरकार के खिलाफ अहिंसात्मक मोर्चा खोलेगा मंदसौर में दिगंबर आचार्य 1008 श्री धर्म भूषण जी के संथारा समाधि देवलोक गमन पर मुनि कमलेश ने वहां पहुंचकर समाज को दिशा निर्देश दिया रचनात्मक काम की प्रेरणा दी।

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