मंदसौर 13 अगस्त 2022 जीवा गंज । स्वास्थ्य, पर्यावरण, आर्थिकता के लिए आतिशबाजी अत्यंत घातक और खतरनाक है राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर प्रवचन हाल में आतिशबाजी हटाओ पर्यावरण बचाओ साप्ताहिक कार्यक्रम को संबोधित करते कहा कि पटाखों के शोर प्रदूषण से पक्षियों का गर्भपात हो जाता है इंसान बहरेपन का शिकार हो जाता है। उन्होंने कहा कि पटाखे डेढ़ सौ से 200 डेसी बल आवाज वाले होते हैं जो पर्यावरण कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं । मुनि कमलेश कहा कि आतिशबाजी से निकलने वाली खतरनाक गैस इंसान के साथ साथ पशु पक्षी और प्रत्येक प्राणी को अपना शिकार बनाती है ।
जैन संत ने कहा कि पटाखों में आग लगाना साक्षात लक्ष्मी को जलाने के समान है उसका अपमान है क्योंकि बिना पैसे से पटाखे नहीं आते हैं कई स्थानों पर आगजनी हो जाती है जनहानि और धन हानि भी होती है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकरविचार मंच नई दिल्ली देश के 18 राज्यों में आतिशबाजी के दुष्परिणामों से जनता को अवगत कराने के लिए गांव गांव गली गली जन जागरण अभियान 13 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक शुरू करेगी। आतिशबाजी ना करने वाले को सम्मानित किया जाएगा । संचालन अजीत खटोड़ ने किया।