कोविड 19, लॉकडाउन के बावजूद वैज्ञानिकों ने कृषि,उद्यानिकी के अधिकारियों तथा कृषकों को ऑनलाइन ट्रेनिंग देकर खरीफ फसलों की नवीन तकनीकों से किया अपडेट-डॉ. पचौरी

नीमच | कृषि विज्ञान केन्द्र, नीमच द्वारा देश में कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन की स्थिति में मानसून की आवक के कारण खरीफ फसलों की बुवाई को देखते हुए वैज्ञानिकों द्वारा हाइटेक प्लानिंग के तहत जिले के कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों, मैदानी अमले तथा कृषकों को खरीफ फसलों की उन्नत तकनीक पर ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई।
प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ सी. पी. पचौरी ने विभागीय अमले को कोविड 19 के प्रति सावधानियॉ तथा लॉकडाउन के समय मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी, और खरीफ पूर्व खेत के तैयारी, मक्का फसल में फालआर्मी वर्म तथा जिले में टिड्डी दल के प्रकोप के मददेनजर मृदा उपचार और फसलों के बीज उपचार के बारे में जानकारी दी। डॉ पी. एस. नरुका द्वारा उर्वरक प्रबंधन एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व के बारे में बताया गया। डॉ एस एस सारंगदेवोत द्वारा कीट, व्याधि के नियंत्रण में कीट की पहचान एवं उसे नियंत्रित करने के जैविक एवं रासायनिक उपाय बताएं। डॉ. शिल्पी वर्मा द्वारा अंकुरण परीक्षण तथा नीदा उपचार में कल्चर के महत्व के बारें में बताया।
डॉ जे. पी. सिंह ने जैविक खेती तथा खरीफ फसलों की उन्नत किस्मों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में उपसंचालक उद्यानिकी श्री एन एस कुशवाह द्वारा विभागीय, केन्द्र एवं राज्य शासन की योजनाएं के बारे में बताया गया। कृषि विभाग से डॉ यतीन कुमार मेहता द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री मान दान योजना से कृषकों को जुड़ने हेतु योजना के बारे में विस्तार से बताया। उक्त ट्रेनिंग में जिले के तीनों विकासखण्ड जावद, मनासा एवं नीमच के कुल 24 विभागीय अधिकारी तथा 35 कृषक बन्धुओं ने ऑनालाइन भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती संयुक्ता पाण्डे, डॉ सूरज कश्यप, श्री एन एस लोडा (आत्मा), श्री ललित नारायण शर्मा का विशेष योगदान रहा।