महापुरुष अपने पुरुषार्थ बल पर स्वयं मंजिल को पाते ही हैं अनंत काल तक जनता का मार्गदर्शन भी करते हैं- राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

मंदसौर मेघदूत नगर23 अक्टूबर 2022 । मानव जितना रूप वैभव सत्ता और धन के बारे में कठोर परिश्रम करता है जबकि यह सब क्षणिक है इतना ही समय गुणों को आत्मसात करने में लगा दे तो मर कर भी दुनिया में अमर हो जाता है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने गो भक्त अनिल जी संचेती के लिए आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते कहा कि महापुरुष अपने पुरुषार्थ बल पर स्वयं मंजिल को पाते ही हैं अनंत काल तक जनता का मार्गदर्शन भी करते हैं।
उन्होंने कहा कि जितना बड़ा त्याग करेगा उतना ही वह व्यक्ति महान बनेगा इससे बड़ा धर्म और साधना नहीं हो सकता ।
मुनि कमलेश ने बताया कि अनिल जी संचेती का जीवन कर्मठ ऊर्जावान खतरे से खेलने वाला थाअपनी परवाह न करते हुए परमार्थ के लिए समर्पित थे।
राष्ट्रसंत ने कहा कि हजारों व्यक्ति मिलकर भी ऐसे व्यक्तित्व की पूर्ति नहीं कर सकते हैं वह अद्भुत और अलौकिक थे जैन दिवाकर गुरुदेव चौथमल जी महाराज के अनन्य भक्त थे।
जैन संत ने बताया कि अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली रजिस्टर्ड की ओर से संचेती जी को मरण उपरांत गो रत्न अवॉर्ड प्रदान करने का प्रस्ताव पास किया है राष्ट्रीय स्तर के समारोह में संचेतीपरिवार कोउसको प्रदान किया जाएगा मंदसौर शहर में एक चौराहे का नाम अनिल संचेती के नाम से बनाया जाए य हप्रस्ताव रखा विधायक यशपाल जी सिसोदिया ने राष्ट्रीय संत के भाव का सम्मान करते हुए अनुमोदन किया नगर पालिका अध्यक्ष ने मूर्त रूप प्रदान करने का आश्वासन दिया सैकड़ों संस्थाओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की जन कु पूरा संघ में महिला स्थानक बनाने का संकल्प जनता ने लिया यही उनके चरणों में सच्ची श्रद्धांजलि है।

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