उदयपुर/हिरण मंगरी सेक्टर-4 (मीडिया प्रवक्ता सुनिल चपलोत)। संतो के सानिध्य मे तप त्याग और व्यसन मुक्ति के संकल्पो के साथ मनाया भगवान महावीर व जैन दिवाकर चौथमल जी और जैन संतो का जन्म पुण्य तिथी व दीक्षा समारोह अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच एवं श्रमण संघ परिषद के सयुंक्त तत्वावधान में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संस्थान हिरण मंगरी सेक्टर 4 मे महाश्रमण जिनेन्द्र मुनि,प्रवर्तक विजयमुनि ने विशाल समारोह मे महापुरुषों के गुणगान करते हुयें कहा कि व्यक्ति जन्म से महान नही होता है। वह कर्म से महान बनता जैन दिवाकर चौथमल जी महाराज ने धर्म से विमुख चुके प्रांणीयो और कुसंगति से लिप्त हो चुके मानव जाति के उत्थान और कल्याण के लिए अपने उपदेशों से व्यसन मुक्त करवातें हुये धर्म का सद मार्ग दिखाकर जीवन यापन की सही मार्ग बताया और अनेकों राजा महाराजाओं ने चौथमल महाराज के उपदेशों को सुनकर हिंसा का मार्ग छोड़कर अहिंसा मार्ग अपनाया। उप प्रवर्तक डॉ सुभाष मुनि,उपप्रवर्तक चन्द्रेश मुनि,पंडित रत्न रितेश मुनि,उपप्रवर्तक कोमल मुनि आदि सभी संतो ने समारोहों मे कहा कि महापुरुषों के जन्म दीक्षा स्मृति दिवस तभी मनाना सार्थक होगा जब व्यक्ति धर्म से जुड़कर अपने जीवन मे बदलाव लायेगा । इसदौरान साध्वी विनयप्रभा,साध्वी वैभवश्री,साध्वी सुलक्षणा,साध्वी पूर्वा,साध्वी नमीता आदि सभी ने जैन दिवाकर चौथमल जी महाराज के 145 वें जन्मजयंती एवं प्रवर्तक गणेश मुनि महाराज के पुण्य स्मृति और प्रवर्तक विजयमुनि,स्पष्टवक्ता धर्म मुनि महाराज के दिक्षा जयंती समारोह मे श्रध्दालुओं को सम्बोधित किया। मीडिया प्रवक्ता सुनिल चपलोत ने बताया कि इसदौरान अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच राजस्थान प्रांत के अध्यक्ष अनिल जारोली व वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संस्थान के मंत्री महेन्द्र पोखरना,दलपत सिंह जैन,सरोज खुरदिया ,राजमल दाणी,जीवन सिंह सर्राफ,राजेन्द्र प्रसाद कच्चारा,ललित लोढ़ा आजाद रामपुरिया आदि पदाधिकारियों और जैन संतो ने हजारों श्रावक श्राविकाओं की उपस्थित मे विजयमुनि महाराज को आदर कि चादर ओढ़ाकर संयम दिवस पर अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम कि आरंभ मे सामूहिक नवकार महामंत्र का जाप किया गया। तथा अनेक व्यक्तियो ने संतो से कुव्यसनो के त्याग करने के पचखाण लियें । समारोहों मे पधारे सभी का आभार व्यक्त दिवाकर विचार मंच के अनिल जारोली द्वारा किया गया ।