वित्तीय पत्रक अथवा अंकेक्षण के लिए दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर 50 हजार रुपैया अर्थदंड किया जाएगा

रतलाम । सहकारी संस्थाओं द्वारा वित्तीय पत्रक अथवा अंकेक्षण के लिए दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर उसके जिम्मेदार अधिकारियों पर व्यक्तिगत रूप से 50 हजार रुपैया अर्थदंड किया जाएगा। इसके साथ-साथ अध्यक्ष और संचालक मंडल के विरुद्ध भी वैधानिक कार्यवाही करके पद से पृथक करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उपायुक्त सहकारिता एवं परिसमापक श्री परमानंद गोडरिया ने बताया कि सहकारिता आयुक्त के निर्देश अनुसार जिले की सभी सहकारी संस्थाओं को अपने वित्तीय पत्रक और लेखाओ का रखरखाव व्यवस्थित करना होगा और 30 जून के पहले-पहले उपायुक्त सहकारिता कार्यालय में संपूर्ण ब्यौरा देना होगा। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2019-20 से संबंधित वित्तीय पत्रक तीन प्रतियों में सहकारिता के जिला कार्यालय में 25 जून तक हर हालत में प्रस्तुत करना होगा। क्योंकि जिले की सभी 700 सहकारी संस्थाओं का अंकेक्षण कार्य इस वर्ष सितंबर माह में पूर्ण किया जाकर अंकेक्षण प्रतिवेदन भी पारित किए जाने हैं। सहकारिता के जिला कार्यालय से संस्थावार अंकेशकों की नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं जिनका पालन निर्धारित समयावधि में किया जाना है।