136 दिनों के चातुर्मास पश्चात मुनि श्री 108 विशल्य सागर जी मुनिराज का मंगल विहार कोडरमा से भदलपुर (इटखोरी) की ओर मंगल विहार

झुमरीतिलैया। उपसर्ग विजेता गणाचार्य परम पूज्य आचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य जैन मुनि श्री 108 विशल्य सागर जी महाराज ओर मुनि श्री 108 विनिशोध सागर जी महाराज सत्संग का मंगल विहार धर्म नगरी कोडरमा से भदलपुर के लिए हुआ जहां आगामी 2 से 7 दिसंबर तक होगा लगभग 4 माह तक धर्म की गंगा प्रवाहित करने के बाद बहता पानी रमता जोगी कहावत के अनुसार एक जगह से दूसरी जगह पद विहार करते हुए मंगल विहार किया। जिसमें सेकड़ो धर्म प्रेमी बंधुओं ने मुनि श्री से आशीर्वाद प्राप्त कर अपने कल्याण का मार्ग चुना ।सभी भक्तों ने गुरूवर की वाणी सुनकर अपने जीवन को सार्थक बनाने का प्रयास किया और साथ ही सभी लोगों ने कहा कि गुरूवर की वाणी हम सभी भक्तों को एक नई सिख दे कर गई हम भक्तों को अपने जीवन में एक धर्म प्रभावना की एक नई उम्मीद जगा दी है। और आप के बताए मार्ग पर हम सभी भक्त धर्म धर्म की ओर अग्रसर होंगे । मुनि श्री के मंगल आशीर्वाद एवम सानिध्य में 4 माह तक कई कार्यक्रम हुआ जिसमें 24 समोसारण विधान लाखों मंत्रों की जाप ,आदि कई विधान समाज के सानिध्य में हुई ।
मनुष्य के बिहार के खबर सुनते ही सभी के आंखें नम हो गई है लेकिंन ये भी सत्य है कि रमता जोगी बहता पानी और संत जैन संत एक जगह 4 माह से अधिक नही रुकते है जैन संत पूरे भारत में पैदल पद बिहारी करते हुए धर्म प्रभावना करते है इसलिए जेन संत मंगल विहार एक दूसरे जगह के लिए करते रहते हैं । कोडरमा मीडिया प्रभारी नविन जैन,जैन राज कुमार अजमेरा ने बताया कि आज का आहार चर्या समाज के युवा सम्राट सुरेश-नरेंद जी झांझरी के यहाँ निरन्तरराय हुवा ,समाज के मंत्री ललित सेठी मुख्य संयोजक सुरेंद्र जैन ,जैन मुकेश अजमेरा,मनोज सेठी,मनीष सेठी,रूपेश छाबडा, जैन सुमित छाबडा, जैन ईशान सेठी,जैन शालू छाबडा ,दिलीप बाकलीवाल ,विकास पाटोदी के साथ कोडरमा, इटखोरी के कई भक्त इस विहार में शामिल है । आज का रात्रि विश्राम जोंगी ग्राम में हुवा।

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