हत्या करने वाले पिता-पूत्र को आजीवन कारावास एवं अर्थदंड

जावरा। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश महोदय श्रीमान रवि प्रकाश जैन जावरा जिला रतलाम के द्वारा निर्णय दिनांक 28.12.2022 को अभियुक्ततगण 1-शंभूलाल उर्फ रमेश पिता सूरजमल जटिया उम्र 50 वर्ष, 2. कालू उर्फ गौरीशंकर पिता शंभूलाल उर्फ रमेश उम्र 21 वर्ष दोनो नि. ग्राम बादरी थाना नारायणगढ जिला मंदसौर को भा.द.वि. की धारा 302 सहपठित 34 के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं पाॅच-पाॅच हजार रू. जुर्माने की सजा से दण्डित किया गया।
प्रकरण में पैरवीकर्ता अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी विजय पारस ने बताया कि दिनांक 21.09.2019 को सूचनाकर्ता रानी बी ने थाना जावरा शहर में इस आशय की देहाती नालसी मर्ग इन्टीमेशन रिपोर्ट लेख कराई कि वह महेन्द्र नगर ताल रोड़ जावरा में रहती है और खाना बनाने का काम करती है। उसके घर से कुछ दूरी पर रतनलाल का मकान है जिनके यहाॅ पर वह चार-पाॅच दिन में बकरियों का पाला लेने के लिए जाती रहती है। दिनांक 21.09.2019 को सुबह 10ः00 बजें वह मृतक के घर पर पाला लेने गई थी तब उसने मृतक के घर के दरवाजे में झाक कर देखा तो मृतक की पत्नि घर के अंदर मरी पडी थी फिर वह भागकर भारत पेट्रोल पम्प पर आई वहाॅ खडे लोगो को बताया तथा थोडी देर बाद पता चला कि घर के अंदर उसका पति भी मरा पडा था।
उक्त सूचना पर से थाना जावरा शहर द्वारा मर्ग क्रमांक 16, 17/2019 धारा 174द.प्र.सं. का कायम कर जाॅच में लिया गया। मर्ग जाॅच के दौरान घटना स्थल का निरीक्षण करने पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उक्त दोनो मृतकों की हत्या करना पाये जाने से घटना स्थल पर मौजूद ईट, कपडे व अन्य आवश्यक वस्तुए जप्त कर मौके की कार्यवाही कर मृतकों का पी.एम.करवाया गया और थाना जावरा शहर पर अपराध क्रं. 287/19 धारा 302,376(2)(𝙽),34 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान घटना स्थल का नक्शामौका बनाया जाकर स्वतंत्र साक्षियों के कथन लेखबद्ध कर मुखबिर सूचना पर संदेही शंभूलाल उर्फ रमेश पिता सूरजमल जाटिया एवं कालू उर्फ गौरीशंकर पिता शंभूलाल उर्फ रमेश को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने आरोपीगण द्वारा मृतक के साथ बैठकर शराब पीना और शराब के नशे में मृतक के सिर पर ईट से मारना बताया। प्रकरण में आवश्यक अनुसंधान कर पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय में अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य को प्रमाणित मानते अभियुक्तगण को दोषसिद्ध किया गया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी जावरा श्री विजय पारस द्वारा की गई।

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