काम करने वालों में कमी होना स्वाभाविक है उसके हौसले को बुलंद करना सबसे महान धर्म है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

मंदसौर जैन दिवाकर लाभ मुनि नेत्र चिकित्सालय 20 जनवरी 2023 । कामों में कमियां निकालने वाले ने क्या कुछ कर दिखाया आज तक, अपनी अंतरात्मा से पूछे। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि कमियां निकालने वालों ने काम करने वाले हौसला पस्त कराने का पाप जरूर कमाया है।
उन्होंने कहा कि काम करने वालों में कमी होना स्वाभाविक है उसके हौसले को बुलंद करना सबसे महान धर्म है। मुनि कमलेश ने बताया कि काम के लिए हौसला करना सबसे कठिन काम है मान अपमान की परवाह न करते हुए कदम उठाना चारों तीर्थों की यात्रा से बढ़कर है।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि हौसला ही परमात्मा का दूसरा रूप है हौसले को कुचलना परमात्मा का अपमान करने के समान है।
जैन संत ने कहा कि जिस की आदत कमियां ढूंढने की हो जाती है उसकी पूरी जिंदगी उसी में पूरी हो जाती है उससे बड़ा दुनिया में हिंसक और कोई नहीं हो सकता ऐसी दुरात्मा का विश्व के किसी धर्म में प्रवेश नहीं है। प्रवर्तक अरुण मुनि जी ने कहा कि उसे कोई अधिकार नहीं है कमियां निकालने की जो कुछ नहीं करता है वह धरती पर भार रूप है।
जैन दिवाकर नेत्र चिकित्सालय में राष्ट्रसंत और उप प्रवर्तक का मधुर मिलन हुआ सुरेश मुनि जी घनश्याम मुनि जी गौतम मुनि जी कौशल मुनि अक्षत मुनि आदि ठाणा7 विराजमान है 21 जनवरी को प्रातः 9:15 बजे चिकित्सालय में प्रवचन होगा चिकित्सालय अध्यक्ष डॉक्टर एस एम जैन सचिव विजय खटोड़ प्रशासक सुरेश पोरवाल डॉ अशोक सोलंकी डॉ निलेश गुप्ता दिवाकर मंच की ओर से अजीत खटोड़, नेहा जैन गरोठ, नेहा जैन प्रीति खाबिया, ने राष्ट्र संत के आगमन पर अभिनंदन किया।