चरित्रहीन शिक्षा मात्र मुर्दे को सिंगार कराने के समान है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

सीतामऊ 24 जनवरी 2023 शासकीय हाई सेकेंडरी स्कूल रठाना। डिग्री धारी स्टेटस हाई-फाई सोसाइटी और स्टैंडर्ड के नाम पर पाश्चात्य को अपनाकर संस्कृति का विनाश किया है। आधुनिकता के नाम पर उतना अनपढ़ ने भी नहीं किया उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि चरित्रहीन शिक्षा मात्र मुर्दे को सिंगार कराने के समान है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की बात करता है उसे दकियानूसी बैकवर्ड कहकर उपहास उड़ाया जाता है आधुनिकता के नशे में इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है।
मुनि कमलेश ने कहा कि सा विद्या या विमुक्तए चरितार्थ करने वाला ही सच्चा ज्ञान है और विकास की सीढ़ी है।
जैन संत ने मध्य प्रदेश सरकार के स्कूली पाठ्यक्रम में महापुरुष के जीवन और सिद्धांतों का समावेश करने पर अभिनंदन करते कहा कि सभी राज्य सरकार को इस प्रकार के कदम उठाने चाहिए और संस्कृति रक्षा में आगे आना चाहिए।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली की ओर से प्रश्न मंच का आयोजन किया गया विजेताओं को पुरस्कार दिए गए सरस्वती विद्या मंदिर शासकीय माध्यमिक विद्यालय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तीनों स्कूलों के बच्चों को चरित्र निर्माण नशा मुक्ति राष्ट्रभक्ति और नैतिकता का प्रबोधन दिया गया प्राचार्य अशोक पाटीदार कालू लाल देवड़ा दिलीप शर्मा ने विद्यालय परिवार की ओर से राष्ट्रसंत का अभिनंदन किया गया कालू लाल जैन केसरी मल जैन सागरमल जैन विनोद जैन आभार व्यक्त किया।