जो मानव से मानव प्यार नहीं करता उसे कभी धर्म और परमात्मा नहीं मिल सकते – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

संजीत 4 फरवरी 2023 जैन स्थानक भवन। विश्व के सभी धर्मों का प्रवेश द्वार सद्भाव है इसके अभाव में कठोर से कठोर अमृत जैसी साधना जहर में परिवर्तित हो जाती है राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने धर्म सभा को संबोधित करते कहा कि धार्मिकता और कट्टरता में 36 का आंकड़ा है जो सद्भाव की धारा को खंडित कर देता है। उन्होंने कहा कि कट्टरता से क्रूरता पैदा होती है जिससे अगले का नुकसान हो या ना हो अपने सद्गुण नष्ट हो जाते हैं । कमलेश ने बताया कि कट्टरता हिंसा और नफरत की जननी है जो व्यक्ति को राक्षस और शैतान बना देते हैं।
राष्ट्रीय संत ने स्पष्ट कहा कि धार्मिकता की ओट में पनपने वाली कट्टरता अलगाव फिरका परस्ती और नफरत को पैदा करती है जो परमाणु बम से भी खतरनाक । जैन संत ने कहा कि जो मानव से मानव प्यार नहीं करता उसे कभी धर्म और परमात्मा नहीं मिल सकते मानव का अपमान परमात्मा के साथ खिलवाड़ करने के समान है।
पांच फरवरी प्रातः 9:00 प्रवचन के पश्चात 11:00 बजे संजीत से प्रस्थान करते हुए मुनि कमलेश गोधाम गोविज्ञान शाला चौबीसा मगरा गौशाला पधारेंगे जिसकी स्थापना 2012 में मुनि कमलेश की प्रेरणा से300 में हुई मध्यान्ह 1:00 गोरक्षा सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। उक्त जानकारी बाबूलाल जी पाटीदार ने दी संघ के मंत्री पारस मल्हारा ने अभिनंदन किया गौतम मुनि जी ने मंगलाचरण किया घनश्याम मुनि जी ने विचार व्यक्त किए।