जहां संत वह स्थल तीर्थ बन जाता है बसंत के आने पर प्रकृति खिल जाती हैं सन्तों के आने पर संस्कृति खिल जाती हैं




रतलाम 7 फरवरी । श्री कामधेनु कैंसर हास्पिटल के सहायतार्थ धर्म नगरी रतलाम सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा श्री कौशिक जी महाराज द्वारा प्रथम दिवस पर बड़बड़ हनुमान मंदिर स्थित बालाजी महाराज की महाआरती, पोथी पूजन के साथ मंदिर परिसर स्थित गौशाला में गौसेवा कर सैकड़ों की संख्या में कथा प्रांगण तक समस्त महिलाओं ने सिर पर चुनरी ओढ़े भव्य कलश यात्रा निकाली जिसमें युवा भाइयों का योगदान रहा आज कथा के मुख्य यजमान स्वरूप सपत्नीक मोहनलाल मुरली वाला पाटीदार रहें। वहीं मुख्य आयोजक ख़ुशी एक पहल वेलफेयर सोसाइटी संस्था एवं विश्व जागरण मानव सेवा संघ चैरिटेबल ट्रस्ट शाखा रतलाम पदाधिकारी गणों समितियों द्वारा स्वागत सत्कार किया गया ।
भक्तिमय प्रांगण में उपस्थित श्रोताओं की उपस्थिति में आरती कर महाराज जी के श्रीमुख से कथा का श्रीगणेश हुआ। जिसमें सर्वप्रथम आध्यात्मिक स्वास्थ्य से समृद्धि दिव्य दृष्टि लिए भगवान श्री गजानन के बारह स्वरूपों के बारे में विस्तृत रुप से बताया साथ ही जिस तरह च्यवनप्राश से शरीर बलिष्ठ बनता है उसी तरह प्रांगण में भागवत कथा स्मरण करने अध्यात्म से जोड़ने पर मन आत्मिक बौद्धिक शक्ति बल बढ़ता है बीच में भक्तिमय भजनों पर श्रोताओं के कदम उठ खड़े हुए भव्य दिव्य सुरक्षित संरक्षित प्रांगण की व्यवस्था देख महाराज जी प्रसन्न हुए युवा योद्धाओं की प्रशंसा की।
हमें अतिथि सेवा सत्कार से जुड़ना चाहिए साथ ही महापुरुषों का आदर करना चाहिए हमारे शास्त्रों में अतिथि देवो भव की युक्ति आती है जहां संतो को चलता फिरता तीर्थ कहा जाता है। जहां संत हों वह स्थल तीर्थ बन जाता है जैसे बसंत के आने पर प्रकृति खिल जाती हैं उसी प्रकार संतों के आने पर संस्कृति खिल जाती है। कथा के अंतर्गत गुरु महिमा का वर्णन करते हुए पूज्य महाराज जी ने कहा सबसे बड़ी कृपा गुरु की होती हैं क्योंकि गुरु अगर प्रसन्न हो जाएं तो ऋषि मुनि एवं देवताओं को भी दुर्लभ वह वैकुंठ धाम व नारायण प्राप्त करा देते हैं।
आज मुख्य अतिथि स्वरूप रतलाम नगर के प्रथम नागरिक महापौर प्रहलाद पटेल ने कलश यात्रा आरती में सम्मिलित होकर महाराज जी का आशीर्वाद लिया साथ ही नगर वासियों को अधिक से अधिक धर्म लाभ लेकर का आग्रह किया।
उपस्थित मुख्य केन्द्रीय समिति में मनोहर पोरवाल, मोहनलाल मुरली वाला, गोविंद काकानी, हरीश जोशी, विवेक चौधरी ,दिनेश वाघेला, अमन माहेश्वरी, निलेश पटेल, राकेश मिश्रा, राजेश तिवारी की विशेष देखरेख में आयोजन संचालित किया जा रहा है साथ ही महिला मंडल का भी विशेष योगदान रहा समिति की ओर से मंच संचालन व्यवस्था विकास शैवाल द्वारा किया गया।
आज की कथा समापन पर आरती कर वाघेला गौ सेवा जीवदया समिति प्रमुख दिनेश वाघेला, विशाल कुमार वर्मा समिति सदस्यों द्वारा पुष्पमाला अष्ट धातु जड़ी गौ माता प्रतीक चिन्ह शाल श्रीफल भेंट किया।