मुख्यमंत्री पेंशनरों की ज्वलंत मांगों की कर रहे है अनदेखी

पेंशनर्स एसोसिएशन ने ग्र्रामीण विधायक दिलीप मकवाना को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

रतलाम। प्रदेश के 5 लाख पेंशनर्स को समय-समय पर महंगाई राहत, लंबित एरियर, स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ नहीं देना, प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना से वंचित रखना, मुख्यमंत्री की उपेक्षावृत्ति से पेंशनरों में घोर असंतोष है। ज्वलंत मांगों का समाधान विधानसभा के बजट सत्र में की जाने हेतु सीएम के नाम ज्ञापन पेंशनरों ने रतलाम ग्र्रामीण विधायक दिलीप मकवाना के निज सचिव मनीष गोयल को सौंपा।
पेंशनर्स एसोसिएशन म.प्र. के उप प्रांताध्यक्ष कीर्तिकुमार शर्मा ने बताया कि पेंशनरों की जायज मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो राजधानी भोपाल में धरना आंदोलन किया जाएगा। एसोसिएशन ने विधायक मकवाना से अनुरोध किया कि पेंशनरों के मुद्दों को पुरजोर तरीके से सीएम को भलीभांति अवगत कराएं।
पेंशनर्स में अधिक रोष है अगर यदि हमारे विश्वास को तोड़ा या निवेदन स्वीकार नहीं किया तो पेंशनर्स आगामी चुनाव के समय आपका समर्थन न स्वयं करेंगे और ना ही अपने मित्रों व रिश्तेदारों को आपके पक्ष में मतदान करनें देंगे।
ज्ञापन देते समय सीएल गौतम, शारदा प्रसाद पाठक, उच्छबलाल सालवी, दशरथलाल शर्मा, जीएस चंद्रावत, विजयसिंह सिसौदिया, आर.एस. शर्मा, गीता राठौर, उमेश कुमार यति, प्रेम कुमार बेनावत, बंशीलाल माहेश्वरी, महेश कुमार राठौर, मुलचंद आर्य, रणजीतसिंह राठौर, विष्णुकुमार सैनी, एम.एल. वर्मा, एल.एन. मेहता, रमेशचंद्र मंडोरा, जगदीशचंद्र चुंडावत, महेश त्रिवेदी, के.एल. भाटी, प्रेमनारायण वर्मा, एम.एल. भïट्ट, जी.एस. राठौर, जयवंत गुप्ते, पी.डी. वैष्णव, एफ.एम. मंसूरी, आर.के. मरमट, मंगला सोनगरा, बी.एस. सोनगरा, शिवप्रकाश शर्मा, हरिश कुमार बिंदल, मो. अनवर, सतीश दय्या, विनोद कुमार कोठारी, श्याम सुंदर भाटी, ओमप्रकाश टांक आदि उपस्थित थे।

राज्य पेंशनर्स की प्रमुख मांगे

  1. केन्द्रीय पेंशनर्स के समान 38 प्रतिशत महंगाई राहत शीघ्र दी जाएं।
  2. राज्य पेंशनर्स को प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना से अनिवार्यत: जोड़ा जाएं।
  3. केन्द्र के समान रुपये 1 हजार रु. चिकित्सा भत्ता प्रतिमाह दिया जाएं।
  4. मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ पुर्नगठन अधिनियम 2 हजार रु. की धारा 49 (6) को अविलंब विलोपित की जाएं।
  5. स्वास्थ्य बीमा योजना समस्त पेंशनर्स व फैमेली पेंशनर्स पर बिना शर्त लागू की जाएं।
  6. न्यायालय निर्णय के परिप्रेक्ष्य में पेंशनरों की आयु 79 वर्ष पूर्ण होते ही 80 वर्ष प्रारंभ से ही 20 प्रतिशत पेंशन वृद्धि की जाएं।
  7. छटे वेतनमान का 32 माह का एरियर तथा सातवें वेतनमान का 27 माह का देय लंबित एरियर भुगतान किया जाएं।
  8. नियमित कर्मचारियों की तरह पेंशनर्स को भी मृत्यु उपरांत 50 हजार उपादान राशि प्रदान की जाएं।
  9. नई पेंशन योजना बंद कर पुरानी पेंशन योजना शीघ्र लागू की जाएं।
  10. न्यूनतम पेंशन 12000 रु. प्रतिमाह दी जाएं।
  11. वरिष्ठ नागरिकों को पूर्व की भांति रेलवे रियायत/कन्सेशन शीघ्र प्रारंभ किया जाएं।
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