

रतलाम,18 अप्रैल। इंदौर में पिछले दिनों बावडी पर बनी छत धंसने से हुई अनेक मौतों के बाद लापरवाही से होने वाले किसी भी हादसे की रोकथाम के लिए प्रशासन को गंभीर हो जाना चाहिए। लेकिन विडंबना है कि रतलाम जिले के सेजावता-बांगरोद रोड पर ऐसे हादसे का इंतजार हो रहा है। इस रोड पर एक तालाब के किनारे सडक कट गई है। पुल का काम कछुआ गति से चल रहा है और यातायात का दबाव इतना है कि किसी भी पल हादसा हो सकता हैं।
सेजावता से निकलते ही बांगरोद रोड पर खतरनाक मोड बना है। इस मोड के समीप ही तालाब स्थित है, जिससे जुडी भूमि बारिश के दौरान कट गई है। इससे सडक पर बने पुल की बाउंड्री भी दूर हो गई है। मोड पर तालाब के पास की जमीन ऐसे कटी है कि थोडी से लापरवाही भी बडे हादसे का कारण बन सकती है। गौरतलब है कि इस सडक मार्ग से इंडियन आईल कार्पोरेशन का बांगरोद डिपो जुडा है, जिससे दिनभर डिपो के टंेकरों की आवाजाही होती रहती है। कई बार टेंकर क्रम में ऐसे चलते है कि पीछे रहने वाले चालक को आगे का मौड नहीं दिखता। ऐसे में हादसे की आशंका बनी रहती है।
इस मार्ग पर बांगरौद में बने सुप्रसिद्ध खाटू-श्यामजी के मंदिर के भक्तों का आना-जाना भी लगा रहता है। प्रत्येक एकादशी पर मंदिर में असंख्य भक्तों का तांता लगता है, इसलिए मार्ग का व्यवस्थित होना अत्यंत जरूरी है। तालाब के दूसरी और सडक किनारे ही माताजी के मंदिर में भी श्रद्धालुओं के आने का क्रम बना रहता है। इसलिए सेजावता-बांगरोद मार्ग यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो गया है। ग्राम पंचायत सेजावता के सरपंच गोपाल डाबी सडक मार्ग के कटाव को दुरस्त कर तालाब की पाल बनाने और अधूरे पडे पुल का निर्माण शिध्र पूरा कराने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में विधायक दिलीप मकवाना एवं कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी को पत्र भी लिखे है।