संयुक्त परिवार का बसेरा ही जीवन का सबसे बडा सुख है – शिक्षाविद् श्री कोठारी

जावरा (अभय सुराणा) । दुःख सुख मे एक दुसरे के लिए समर्पित हो जाना यही जीवन का सबसे बडा सुख है और यह सब हमे तब मिलता है जब हम सयुंक्त परिवार के बसेरे मे रहते हो । उक्त विचार दादा श्री आदिनाथ व आचार्य श्री मद् राजेन्द्र सूरीश्वर के पावनधाम मोहनखेड़ा तीर्थ मे आयोजीत दो दिवसीय अ. भा. कोचेटा जैन महासंघ के अन्तर्राष्ट्रीय चतुर्थ महासम्मेलन मे देश के जाने माने शिक्षाविद्, समाजसेवी, उधोगपति एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रखर वक्ता श्री स्वप्लिन कोठारी ने व्यक्त किये ।
श्री कोठारी ने बडी संख्या मे उपस्थित कोचेटा परिवार के भाईयों बहनों व सम्मेलन मे विशेष रूप से आमंत्रित बहन बेटियों व दामदो को अव्हान किया भौतिक चकाचौंध की आपा धापी मे आप इस वासुदेव कुटुम्ब परिवार को ना टुटने दे तथा प्रसन्नता को बनाए रखने के लिये पुरूषार्थ की भावनाओं से कार्य करेगे तो जीवन जीने का आन्नद आजायेएगाँ।
इस अवसर पर सम्मेलन को विशेष अतिथि के रूप मे अ.भा. श्वेतांबर जैन शोश्यल ग्रुप के पुर्व अध्यक्ष श्री विजय मेहता, इन्दौर नगर निगम के आईएएस आयुक्त श्री सिध्दार्थ जैन आदि ने भी सम्बोधित करते हुँए समाज व परिवारों को संगठित करने, नई युवपिढी को प्रेरणा एवं मार्गदर्शन देने की आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला ताकी आनेवाली जनरेशन भटके नही।
उक्त जानकारी देते हुँए महासंध के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुजानमल कोचेटा ने बताया कि कोचेटा महासंध के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए सुनिल कोचेटा लातुर महाराष्ट्र महामंत्री जयेशभाई कोचेटा पुना व कोषाध्यक्ष सुरेशभाई कोचेटा बैंगलोर आदि ने सभी अतिथियों का शाल श्रीफल से अभिनन्दन करते हुँए स्मृति चिन्ह प्रदान किया। तत्पशचात समाज मे अपनी उत्कृष्ट सेवाओं के लिये सभी अतिथियों की उपस्थिति मे मध्यप्रदेश के समाज सेवी वरिष्ठ पत्रकार सुजानमल कोचेटा जावरा को करतल ध्वनि के साथ कोचेटा रत्न की उपाधि प्रदान करते हुँए शाल श्रीफल से सम्मानित किया व गोल्डन सम्मान पत्र भेंट किया। इस अवसर पर राजस्थान से श्री जसवंत सिंह कोचेटा,महाराष्ट्र पहुर के किशोर भाई कोचेटा, बस्सी राजस्थान के श्री पदमराज जी कोचेटा को भी कोचेटा रत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आधार स्तंभ दानदाताओं मे राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए सुनिल कोचेटा का व जावरा के स्व .धुलचंदजी,सोभागमल जी, रतनलाल जी , हस्तीमल जी व राजमलजी कोचेटा परिवार के पुखराजमल,सुरेंद्र कुमार, नरेन्द्र कुमार, श्रीपाल, सुशील, संदीप ,अंकित व कुणाल कोचेटा जावरा व शिवसिंह जी कोचेटा व उनके परिवार नीमच के साथ अन्य शहरो के भी विशिष्ट उदारमना दानदाताओं का सम्मान किया गया।
श्री कोचेटा ने बताया कि सम्मेलन मे कई समाज सेवा स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा व शिक्षा के क्षैत्र मे अपना विशिष्ट स्थान बनाने वाली प्रतिभाओ को भी सम्मानित किया गया।
कोचेटा ने बताया कि महासम्मेलन की संंध्या को इन्दोर के श्री लवेश बुरड ग्रुप ने शानदार प्रभु भक्ति की प्रस्तुति दी जिसमे उपस्थित लोग झुम उठे।
सम्मेलन के प्रारम्भ मे सभी अतिथियों ने माँ सच्चियाय माता की तस्वीर पर द्वीप प्रज्ज्वलित कर माला पहनाई व कुल गुरू ने विधिविधान से पुजा आरती की जिसमे सभी ने खडे होकर आरती की। तत्पश्चात श्रीमती स्वाती कोचेटा व श्रीमती ज्योति कोचेटा के मंगलाचरण के साथ सम्मेलन प्रारम्भ हुँआ। शुभारंभ समारोह मे राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए सुनिल कोचेटा ने स्वागत भाषण के साथ कोचेटा महासंध के इतिहास के बारे मे जानकारी दी। महामंत्री जयेशभाई कोचेटा ने विगत तीन महासम्मेलन का विवरण प्रस्तुत किया। सम्मेलन के अतिथियों का सम्मान किया गया।आवास एवं यातायात प्रमुख व विशिष्ट सहयोगी पुनमचंद कोचेटा हैद्राबाद व मनिष कोचेटा इन्दोर व आनंद पुना,अभिषेक व कु. मुस्कान आदि बच्चों की टीम का भी सम्मान किया गया वही स्वास्थ्य सेवाओं के लिए डा रोनक कोचट्टा का भी सम्मान किया गया।
कोचेटा ने बताया कि सम्मेलन के दुसरे दिन कुलदेवी ओसियां माता की शोभा यात्रा निकाली गई जिसमें पुरूष व्हाईट डेस कोड मे जोधपुरी साफो मे तो महिलाएँ लाल केशरिया चुन्नी वेश मे प्रभु भक्ति के साथ जमकर थिरके बहुत ही एतिहासिक शोभायात्रा रही। वहीं शोभायात्रा के बाद देश के विभिन्न प्रदेशो से आँए कोचेटा परिवारों का आपस मे परचय कराने का संचालन बेंगलुरू मे एनकरिंग के लिये मशहूर श्रीमती ज्योति कोचेटा ने लाजवाब शेरोशायरी के साथ सभी परिवारों का परिचय कराया । अंत मे कोरोना महामारी मे सभी दिवगंत आत्माओं की जानकारी राकेश एम कोचेटा ने देते हुँए नवकार मंत्र के जाप के साथ सभी को श्रध्दांजलि अर्पित की गई। दो दिवसीय सम्पुर्ण कार्यक्रमों के सुन्दरत्तम संचालन करने पर हैद्राबाद के प्रख्यात उदधोषक प्रशांत कोचेटा का भी स्वागत अभिनन्दन किया गया अंत मे आभार वरिष्ठ उपाध्यक्ष विमल कोचेटा मैसूर ने माना।