

जावरा (अभय सुराणा) । संस्कारों का प्रवल्लन बच्चों को मां के गर्भ से ही मिलना प्रारंभ हो जातें हैं जब वह जीव इस दुनिआ में आता है उसे हम जिस दिशा में जैसा माहोल देते हैं वह उसी स्वरुप में जीवन जीने लगता है जैसे जैसे वह बाल अवस्था से युवा अवस्था में फिर प्रोढ अवस्था की ओर बढ़ता है वह अपनें संस्कारों से परिपूर्ण होकर मन में धर्म के संस्कार का बीजारोपण होने के कारण मानवता करुणा भाव रखते हुए अपना अपने परिवार अपने कुल अपनें धर्म को लगातार गतिमान करते हुए सेवा एवं संस्कारों के प्रति सजग रहतें हुए धार्मिकता से परिपूर्ण रहकर साधु संतों साध्वी भंगवतो एवं अपनें मानवीय कर्तव्यों के प्रति समर्पित भाव से कार्य करता है इन्हीं भावों को लेकर जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मेत्री परिवार द्वारा तीन दिवसीय संस्कार शिविर का आयोजन किया वह वंदनीय है अभिनंदनीय है उक्त विचार साध्वी श्री अमृत रसा श्रीजी म सा ने स्थानीय शंखेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर उपाश्रय पर समापन के दोरान कहें ।
साध्वी श्री रत्नरिद्धि श्रीजी म सा ने कहाँ की बच्चे उस रबर के साँचे की तरह है जिन्हें हम जैसा ढालते है वह उसी अनुसार अपनें जीवन को बचपन से लेकर पचपन तक जीते हुए अपने-अपने धर्म के प्रति समर्पित रहतें हुए दूसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन जातें है यह सब भगवान महावीर स्वामी के वर्तमान काल के स्वरुप गुरुभगवंतो साध्वी भंगवतो के द्वारा दि जानें वाली शिक्षा रुपी ज्ञान से ही संभव है जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मेत्री परिवार द्वारा जो तीन दिवसीय संस्कार शिविर लगाया वह निश्चित रुप से समाज को नई दिशा प्रदान करेंगे।
उक्त जानकारी देते हुए जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री के सचिव अर्पल कोचट्टा एवं प्रचार सचिव मनीष धारीवाल ने बताया की तीन दिवसीय संस्कार शिविर में सुबह बच्चों का शिविर दोपहर में महिलाओं के लिए एवं सायंकाल दंपत्ति साथियों के लिए आयोजन किया गया जिसमें साध्वी श्री अमृत रसा श्रीजी म सा आदी ठाणा 3 एवं साध्वी श्री रत्नरिद्धि श्री जी म सा आदि ठाना 2 द्वारा विभिन्न विषयों पर बच्चों, महिलाओं, एवं दंपत्ति साथियों में वर्तमान परिदृश्य से अवगत कराते हुए जीवन किस प्रकार जीया जाय उसे ज्ञानार्जन कराया।
सभी बच्चों एवम धार्मिक पाठशाला में ज्ञानर्जन करा रही शिक्षिकाओं का सम्मान व पुरस्कार वितरण श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ मन्दिर ट्रस्ट अध्यक्ष कमल नाहटा, श्री संघ के वरिष्ठ तेजमल बोदीनावाला, जैन सोश्यल ग्रुप जावरा मैत्री के अध्यक्ष आलोक बरैया, संस्थापक अध्यक्ष अनिल धारीवाल, पूर्वांध्यक्षगण संदीप रांका, पंकज काठेड, आशीष पोखरना, राजीव लुक्कड, के साथ पियूष कांठेड,शशांक मेहता, डाॅ ॠषि मेहता, अजय पटवा,पुखराज संचेती, सोरभ काठेड,अर्पित दसेडा,संदीप श्रीमाल, आशीष चत्तर,संदीप दसेड़ा,मनीष मेहता, अमित पोखरना,सौरभ धारीवाल, राखी धारीवाल,श्रैया मेहता,रश्मि कावडीया,नेहल कोचट्टा,संजोली रुनवाल, वर्षा धारीवाल,पूर्वा रुनवाल,अलका पटवा, नम्रता बरैया, विद्या कांठेड,किंजल कांठेड,जया दसेड़ा, संध्या शेखावत ने किया | कार्यक्रम संचालन अनिल धारीवाल व अंत में आभार ग्रुप अध्यक्ष आलोक बरैया ने व्यक्त किया |
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