

इंदौर (पोरवाल भवन जंगपुरा 24 जून 2023) धार्मिक जनता मंदिर, मस्जिद, अन्य धर्म स्थलों से जितना प्यार करती है उतना ही धरती के साथ सौतेला व्यवहार करती है यह सरासर अन्याय और अधर्म है। माटी का जिसके दिल में प्यार नहीं उसे धार्मिक तो क्या इंसान कहलाने का भी अधिकार नहीं। उक्त विचार राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश ने पोरवाल भवन जंगमपुरा में व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि मजहब से बढ़कर माटी है इससे हमारे शरीर का निर्माण हुआ है महापुरुषो ने इस पर खड़े होकर साधना की धरती माँ के सहयोग बिना जीने की कल्पना तक नहीं की जा सकती है।
मुनि कमलेश ने बताया कि माटी की सुरक्षा और विकास के लिए सर्वस्व न्योछावर का संकल्प लेने वाला ही धार्मिकता में प्रवेश कर सकता है धर्मगुरु के लिए स्वर्ग और मोक्ष से बढ़कर धरती माता है यह हमारी साधना स्थली है इसका वफादार ही धार्मिकता मैं प्रवेश कर सकता है।
जैन संत ने बताया कि धरती मां को अनदेखा करने वाला सबसे बड़ा गद्दार है वह कितनी ही कठोर साधना कर ले यहां तक संत भी बन जाए तो भी वह पशु से भी गया बीता है क्योंकि पशु कभी नमक हराम नहीं होता। माँ तो माँ ही है। अक्षत मुनी, कौशल मुनि जी ने मंगलाचरण किया घनश्याम मुनि ने विचार व्यक्त किए अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा संगठन मंत्री श्रीमती विमला भंडारी कोलकाता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे
श्री पद्मावती पोरवाल श्वेतांबर स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से श्री जिनेश्वर जैन ने राष्ट्रीय संत कमल मुनि का अभिनंदन किया। धर्मसभा में हनुमान प्रसाद पोरवाल, धर्म चंद पोरवाल, तेजमल जैन, मोतीलाल जेलमी, विजय जेलमी, दिलीप जैन, गौरीशंकर जैन,आदि बड़ी संख्या में महिला पुरूष उपस्थित थे।
चातुर्मास प्रवेश आज
चातुर्मास समिति के संयोजक प्रकाश भटेवरा ने धर्मसभा में बताया कि 25 जून को प्रातः 8.30 बजे गुरुदेव का चातुर्मासिक मंगल प्रवेश जुलूस पोरवाल पैलेस जंगमपुरा से प्रारंभ हो कर महावीर भवन ईमली बाजार राजवाड़ा पहुचेगा। सांसद श्री शंकर जी लालवानी एवं महापौर श्री पुष्यमित्र जी भार्गव आगवानी करेंगे। महामंत्री रमेश भंडारी एवं अचल चौधरी ने समस्त समाजजनों से जुलूस में शामिल होने की अपील की।