रक्तदान पीडि़तों के प्रति सच्ची सेवा है

शिविर में 65 लोगों द्वारा रक्तदान किया गया

रतलाम । रक्तदान पीड़ित मनुष्य के लिए रामबाण सिद्ध होता है दुर्घटना हो या कोई गंभीर बीमारी उस समय रक्त की अधिक आवश्यकता में यदि रक्त उपलब्ध नहीं है तो मनुष्य की जान को खतरा हो जाता है ऐसे में आप का दिया हुआ रक्त किसी की जान बचा सकता है किसी के प्राणों को नया जीवन दे सकता है इसलिए हमारे शास्त्रों में भी कहा है कि रक्तदान प्राण दान के समान होता है इस दान की कोई सीमा नहीं है इसके बराबर कोई दान नहीं इसलिए सामाजिक संगठन परस्पर द्वारा किया गया यह कार्य समाज के लिए अनुकरणीय है ।
उक्त विचार सुप्रसिद्ध चिकित्सक एवं पद्मश्री डॉ. लीला जोशी ने स्वर्गीय मनीषा अग्रवाल की स्मृति में संस्था परस्पर द्वारा मानव सेवा समिति स्थित ब्लड बैंक में आयोजित रक्तदान शिविर में उपस्थित रक्त दाताओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए । आपने कहा कि रक्तदान से किसी प्रकार की कमजोरी अथवा साइड इफेक्ट बिल्कुल नहीं होता है । कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी केदार अग्रवाल ने कहा कि मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है और रक्तदान से बड़ा कोई कार्य नहीं इसलिए अधिकाधिक रक्तदान करना चाहिए । इस अवसर पर श्री ज्ञानमल सिंगावत, श्री विष्णु बैरागी ने भी अपने विचार व्यक्त किए ।
शिविर के आरंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती एवं स्व. मनीषा अग्रवाल के चित्र पर माल्यार्पण किया। स्वागत भाषण महेश अग्रवाल ने देते हुए संस्था की सेवा गतिविधि एवं अन्य कार्यों के बारे में प्रकाश डाला । शिविर में 65 लोगों द्वारा रक्तदान किया गया ।
अतिथियों का स्वागत सर्वश्री अशोक अग्रवाल, अभय सुराणा, महेश व्यास, अभय लोढ़ा, चंदन राठौड़, राजेश जोशी, कमलेश पालीवाल, महेंद्र जैन, मनीष बोहरा, सचिन गेलड़ा, शैलेंद्र व्यास, प्रदीप लोढ़ा, मनीष शर्मा, मिलन राखेचा, राजेंद्र कसेरा, राकेश बरमेचा, अभिसार हाड़ा, दिलीप वर्मा आदि ने किया । इस मौके पर उपस्थित रक्तदाताओं को संस्था द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए । कार्यक्रम का संचालन दिनेश शर्मा एवं आभार अभय जी सुराणा ने व्यक्त किया ।