जिसके जीवन मे गुरु नही, उसका जीवन शुरू नही – राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेश

इंदौर (महावीर भवन 2 जुलाई 2023) । गुरु शब्द में ब्रह्मांड की शक्ति छिपी हुई है गुरु ना होते तो महापुरुष भी नहीं होते गुरु ब्रह्मा विष्णु महेश से भी बढ़कर है एक शब्द ज्ञान का तीन लोक की संपत्ति के दान से भी बढ़ कर है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने गुरु पूर्णिमा पूर्व संध्या पर व्यक्त किये।
आपने कहा कि जिसके जीवन में गुरु नहीं उसका जीवन शुरू नहीं आत्मा की आंतरिक चेतना को जागृत करने के लिए विज्ञान और सरकार के पास कोई साधन नहीं है गुरु ही सहारा है गुरु के ज्ञान की अलौकिक शक्ति का चमत्कार भौतिकवाद के चकाचौंध में हम जैसे संतों का निर्माण हो रहा है उन्हीं की देन है। गुरु को किसी पंथ संप्रदाय क्रिया कांड की परिधि में कैद नहीं किया जा सकता।
महावीर भवन में अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली राष्ट्रीय संरक्षक अशोक मेहता द्वारा इंदौर के इतिहास में प्रथम बार दिगंबर और श्वेतांबर सहित सकल जैन समाज के 170 आध्यात्मिक संस्कार पाठशाला में देने वाले गुरु का अभिनंदन समारोह किया गया। सभी को सम्मान पत्र, चांदी का सिक्का, पेन, माला दुप्पट्टा से सभी स्वागत किया।
श्री वर्धमान श्वेतांबर स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ट्रस्ट महावीर भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद श्री शंकर जी लालवानी थे।
संघ के कार्याध्यक्ष अचल चौधरी, महामंत्री रमेश भंडारी, अशोक मेहता, कांतीलाल बम, चातुर्मास समिति के संयोजक प्रकाश भटेवरा ने गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उध्बोधन दिया। और सभी का स्वागत किया। कांतिलाल बम, भगवत सिंह नागौरी, राजेन्द्र महाजन, सुरेश देशलहरा, अशोक मंडलीक, राज कुमार जैन पंजाबी, प्रदीप बम्बोरिया, रितेश कटकानी, सुविधि जवेरी, दिवाकर मंच की महिला शाखा की राष्ट्रीय अध्यक्षा कल्पना मुथा, निर्मल कासलीवाल, राजीव भाण्डावत, कैलाश लुहाड़िया, इंदर सेठी, डॉ सी एस मोगरा, नकुल पटौदी, महेन्द्र बाफना, उत्तम जैन, महन्त गोविंदाचार्य, मयंक जैन, संजय जैन, राजेश जैन, विशेष रूप से उपस्थित थे। आदर्श ज्योति बहुमंडल ने स्वागत गीत से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शांता भामावत, कल्पना पटवा, ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। आव्हान मंत्र विधिकारक अर्पित जैन ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन जयेश कोठारी ने किया। आभार प्रकाश भटेवरा जैन ने व्यक्त किया।