रतलाम को ‘मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम: मंत्री श्री चेतन्य काश्यप के प्रयासों से हवाई सेवा का रास्ता साफ

  • सैलाना स्थित शिकारवाड़ी क्षेत्र हो सकता है सबसे उपयुक्त विकल्प, 304 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध
  • एयर कार्गो टर्मिनल से रतलाम के MSME और निर्यातकों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय उड़ान
  • एयरपोर्ट की पहल से उद्योग जगत में भारी उत्साह

रतलाम, 23 सितंबर। रतलाम में एयरपोर्ट शुरू होने की उम्मीदें अब परवान चढ़ने लगी हैं। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री (एमएसएमई) श्री चेतन्य काश्यप द्वारा रतलाम की हवाई कनेक्टिविटी को लेकर मंगलवार को की गई महत्वपूर्ण पहल से स्थानीय उद्योग जगत में भारी उत्साह है। रतलाम के पश्चिम रेलवे का प्रमुख जंक्शन होने और दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेसवे की निकटता के कारण, हवाई सेवा जुड़ने से अब यह शहर एक आदर्श ‘रेल-रोड-एयर आधारित मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब’ के रूप में विकसित हो सकेगा।

शिकारवाड़ी क्षेत्र है एयरपोर्ट के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प
रतलाम के समीप सैलाना स्थित शिकारवाड़ी क्षेत्र को एयरपोर्ट के लिए सबसे उपयुक्त माना जा सकता है। मध्य प्रदेश राजपत्र क्रमांक 262 (दिनांक 9 सितंबर 2024) के अनुसार, शिकारवाड़ी स्थित खरमोर अभ्यारण्य की कुल 354.57 हेक्टेयर भूमि में से 304.35 हेक्टेयर भूमि को अभ्यारण्य से मुक्त कर दिया गया है। यह क्षेत्र रतलाम से मात्र 15 किलोमीटर (करीब 20 मिनट) की दूरी पर है तथा MPIDC मेगा पार्क व 8-लेन हाईवे के बेहद करीब है।

विमानन विभाग को एयरपोर्ट के लिए लगभग 250 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जबकि शिकारवाड़ी में आवश्यकता से लगभग 20% अधिक (304 हेक्टेयर) भूमि उपलब्ध है। यह भूमि पूरी तरह समतल है और कई वर्षों से यहाँ न तो खेती हुई है, न ही निर्माण हुए हैं।

चूंकि यहाँ अधिकांशतः सरकारी भूमि है और जो निजी भूमि है उसकी भी सरकारी गाइडलाइन बहुत कम है, अतः भूमि अधिग्रहण शासन के लिए अत्यंत किफायती एवं सुलभ रहेगा। भविष्य में कार्गो और वेयरहाउसिंग के विस्तार के लिए भी यह पर्याप्त है।

एयर कार्गो से MSME और निर्यात को मिलेंगे नए पंख
रतलाम नमकीन, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा, हर्बल, टेक्सटाइल और कृषि उत्पादों का एक बड़ा केंद्र है। इनमें से कई उत्पाद समय-संवेदनशील (Time-sensitive) होते हैं। एयरपोर्ट पर ‘शेयर्ड एयर कार्गो’ (Shared Air Cargo) और ‘एयर फ्रेट कंसोलिडेशन’ जैसी सुविधाएं विकसित होने से छोटे व मध्यम (MSME) उद्योग भी सामूहिक रूप से अपने उत्पाद आसानी से देश-विदेश के बाजारों में भेज सकेंगे। इससे वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स उद्योगों का भी विस्तार होगा, जिससे अंचल में रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।

व्यापारिक कनेक्टिविटी और निवेश में होगी वृद्धि
हवाई सुविधा मिलने से रतलाम के व्यापारियों एवं उद्यमियों का दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और इंदौर जैसे प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों से सीधा व तेज संपर्क स्थापित होगा। वर्तमान में हवाई यात्रा के लिए सड़क मार्ग से दूसरे शहरों के एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों का अपव्यय होता है। रतलाम में हवाई सेवा शुरू होने से बड़े निवेशकों, खरीदारों और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों का आवागमन सुगम होगा, जिसका सीधा लाभ आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों (मंदसौर, नीमच, झाबुआ, दाहोद एवं उज्जैन) को भी मिलेगा।

उद्योग जगत ने जताया मंत्री श्री काश्यप का आभार
नमकीन एवं अलाइड फूड क्लस्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री वैभव कुमार जैन ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए समस्त उद्योग जगत की ओर से कैबिनेट मंत्री श्री चेतन्य काश्यप जी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि, “रतलाम की हवाई कनेक्टिविटी को यात्री विमान सेवा के साथ एयर कार्गो और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स से जोड़ने से पूरे पश्चिमी मध्य प्रदेश के व्यापार व कृषि क्षेत्र को इसका व्यापक लाभ मिलेगा।”

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