बालाघाट में हुआ पूज्य गुरुदेव प. पू. श्री विरागमुनिजी म. सा. का पारणा

रतलाम । खरतरगच्छ विभूषण, व्याख्यान वाचस्पति प.पू. जयानंद मुनिजी म.सा. के सुशिष्य आगम ज्ञाता, युवाहृदय सम्राट, खरतरगच्छीय गणाधीश पंन्यास प्रवर प. पू. गणिवर्य श्री विनयकुशलमुनि जी म. सा. के सुशिष्य ओजस्वी वक्ता, स्वाध्याय रसिक, तप चक्रवर्ती पराक्रम की पराकाष्ठा प. पू. श्री विरागमुनिजी म. सा,.तपस्या तो बहुत होती है पर ऐसी तपस्या यदि हो तो वह देवत्व और चमत्कार से कम नही । विराग मुनि जी म.सा. को तप चक्रवर्ती की पदवी परम पूज्य गच्छाधिपति श्री जिनमणिप्रभ सुरीश्वर जी म.सा. ने आप को दी । श्री जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ श्री संघ रतलाम के सचिव जितेंद्र चोपड़ा द्वारा बताया गया कि आपके द्वारा अभिग्रह पूर्वक 171 उपवास की तपस्या में 1000 से ज्यादा किलोमीटर का विहार,171 उपवास की तपस्या में 171 दिनों तक अन्य गुरुदेव के लिए निर्दोष गोचरी लाने का कार्य । 171 उपवास की तपस्या में 171 दिनों तक प्रतिदिन जिनवाणी सुनाने का कार्य,171 उपवास की तपस्या में 171 से ज्यादा शहर और गांव में जिन शासन की प्रभावना करना,171 उपवास की तपस्या में कई मंदिर की प्रतिष्ठा दीक्षा आदि में अपनी निश्रा देना ।
171 की तपस्या में शुद्ध क्रिया से संयम की खुशबू महकना, 171 उपवास की तपस्या में निरंतर गुरु सेवा की पूर्णता कार्य करना, 171 उपवास से भी ज्यादा जा सकते थे पर भगवान महावीर की तपस्या 180 उपवास से आगे नहीं बडऩे का निर्णय वीतराग प्रभु के तप से आगे या समकक्ष नहीं जाने का गुरु भगवन्त की आज्ञा को शिरोधार्य कर पारणा करने का निश्चित किया । विराग मुनि जी महाराज साहब की प्रथम गुरु पूजन की बोली बच्चावत परिवार चेन्नई द्वारा एक वर्ष में 1111 आयंबिल परिवार सहित करेंगे । विरागमुनि जी मां.सा. को अक्षत से बधाना जिसका लाभ 3201 एकासना परिवार सहित करेगे । विरागमुनि जी मां.सा.को प्रथम बार केसर से बधाना जिसका लाभ 5571 सामयिक का लाभ बालाघाट निवासी अजय लूनिया ,अभिनव बाफना,पवन बाफना, नमन खजांची परिवार द्वारा लिया ।
जिन शासन की सेवा में लगातार हर पीढ़ी को जोडऩे का कार्य आपने किया और परमात्मा महावीर का मार्ग बताया उसकी श्री जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ श्री संघ रतलाम के कांतिलाल चोपड़ा, मनसुख चोपड़ा, मनोहर छाजेड़स चितरंजन लालन सोहनलाल चोपड़ा, विक्रम सिंह कोठारी महेंद्र चोपड़ा, श्रेणिक सर्राफ, पारस पावेचा, लोकेश लालन, संजय जैन, वनवट आलोक गांधी, प्रबल चोरडिय़ा, मनीष लालन, राहुल छाजेड़, अमित नाहटा, मधु चोपड़ा, सारिका सकलेचा, डाली लालन, ममता चोपड़ा, सुधा छाजेड़ एवं समस्त श्री संघ ने आपकी खूब-खूब अनुमोदना करते हुए आदिनाथ भगवान एवं कुशल गुरुदेव से विनती की है कि आपकी तपस्या जिनशासन में अमर रहे ।