विश्व के महापुरुषों के ज्ञान का अनमोल खजाना ग्रंथ रूप में विद्यमान है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

इंदौर महावीर भवन 6 जुलाई 2023। आध्यात्मिक ज्ञान के ग्रंथों के रहस्य को धर्मगुरु सही रूप में प्रतिपादन करें तो शास्त्र वरदान का काम करेगा नहीं तो मानवता के विनाश का वह शस्त्र और हथियार बन जाएगा। राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने धर्म सभा को संबोधित करते कहा कि विश्व के सभी महापुरुषों के ज्ञान का अनमोल खजाना ग्रंथ रूप में विद्यमान है जो मानवता की अनमोल धरोहर है। ग्रंथ का सम्मान धर्मगुरु और परमात्मा के सम्मान से बढ़कर है किसी भी ग्रंथ का अपमान करना महापुरुषों का अपमान करने के समान है।
उन्होंने कहा कि इंसानियत के खिलाफ जो काम करता है उसे तन्खेया काफिर नास्तिक के नाम से पुकारा जाता है इन शब्दों का प्रयोग किसी जाति पंथ संप्रदाय के विरुद्ध करना सिद्धांतों के साथ खिलवाड़ करने के समान है। राष्ट्रीय संत ने कहा कि दुर्भाग्य है धर्मगुरु मानवता के विरुद्ध हिंसा नशा आतंकवाद भ्रष्टाचार मिलावट धोखाधड़ी आदि के काम करने वाले के खिलाफ फतवा जारी क्यों नहीं करते महापुरुषों के ज्ञान को ग्रंथों को संप्रदाय के नजरिए से देखनागौर अज्ञानता का सूचक है। मुनि कमलेश ने बताया कि विज्ञान भी आध्यात्मिक ज्ञान का लोहा मान रहा उसी के आधार पर आविष्कार कर रहा है इसी के माध्यम से विश्वशांति स्थापित हो सकती है।
जैन संत ने सभी धर्म गुरु से आव्हान किया कि सभी ग्रंथों की न्यूनतम समन्वय शिक्षा सामूहिक रूप से दी जाए जो मानव उत्थान में सहयोगी बने सरकार स्कूली पाठ्यक्रम में लागू करें ताकि आने वाली पीढ़ी एक दूसरे के बारे में जान सके अच्छाइयों का आदान प्रदान करें यही सब धर्मों का मुख्य लक्ष्य है अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली महिला शाखा जोधपुर मंत्री शिखा जैन का सौरभ जैन ने स्वागत किया गया प्रकाश भटेवरा ने संचालन किया।