हमारा जीवन केवल भोजन के लिए नहीं भजन करके मानव जीवन को सफल बनाने के लिए हुआ है – पंडित हेमंत कश्यप

सिंधी गुरुद्वारा में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा का विश्राम

रतलाम । हमारा जीवन केवल भोजन के लिए नहीं भजन करके मानव जीवन को सफल बनाने के लिए हुआ है । इसलिए मनुष्य को सदा यह विचार करते हुए प्रयत्न करना चाहिए की मेरा कल्याण कैसे हो । मनुष्य को संतो का संग करना चाहिए, भक्तो का संग करना चाहिए, वेद पुराणों का आश्रय लेना चाहिए, तीर्थ यात्रा देवालय शिवालय का आश्रय येन केन प्रकारेण हमे अपना उद्धार करना है । राजा परीक्षित ने स्वयं के उद्धार के लिए पुत्र परिवार अपने पराये खाना खजाना सब कुछ त्याग कर भगवान का आश्रय लिया और परमगति को प्राप्त हुए। इसी प्रकार मनुष्य को मृत्यु आने से पूर्व ही भगवान का आश्रय लेना चाहिए  । उक्त बात पंडित श्री हेमंत जी कश्यप ने बिरिया खेड़ी स्थित सिंधी गुरुद्वारा में गुरु भक्त परिवार द्वारा आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में धर्मालुजनों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
आज कथा विश्राम अवसर के अवसर पर ब्रज की फुल होली उत्सव मनाया गया । सुदामा चरित्र का वर्णन किया और संत कश्यप जी महाराज ने कहा कि सुदामा चरित्र श्रवण करके हमें जीवन में धैर्य धारण करना चाहिए ।  
सिंधी गुरुद्वारा में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के अंतिम दिवस महापौर प्रहलाद पटेल ने पोथी पूजन गुरुजी का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर महापौर श्री पटेल ने भजनों की प्रस्तुति देकर सबको भावविभोर कर दिया। कथा विश्रांत दिवस पर महाआरती कर भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुरु भक्त परिवार के शैलेंद्र सिंह देवड़ा, तेज सिंह चौहान, मांगू सिंह राठौर, सज्जन सिंह राठौर, गोवर्धन सिंह राठौर, अशोक सिंह सोलंकी सहित बड़ी संख्या में धर्मालुजन उपस्थित थे।