



इंदौर महावीर भवन 4 अगस्त 2023 । इंसानियत से बढ़कर और कोई मजहब और धर्म नहीं है जहां इंसानियत का जनाजा निकल जाता है व वह ना हिंदू होता नहीं मुसलमान होता है वह तो शैतान होता है। उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने तब अभिनंदन समारोह को संबोधित करते कहा कि विश्व का कोई भी धर्म हिंसा की इजाजत नहीं देता।
उन्होंने कहा कि मजहब के नाम पर एक कतरा खून बहना भी कलंक और शर्मनाक घटना है हिंसा के खौफ से शारीरिक और मानसिक रोगों का शिकार होता है उसका प्रभाव पशु पक्षी और पूरे प्रकृति पर पड़ता है।
मुनि कमलेश ने बताया कि इंसान-इंसान के खून का प्यासा हो गया है पानी महंगा हो गया खून सस्ता हो गया है।
राष्ट्रसंत ने कहा कि बारूद के ढेर पर बैठकर अमन चैन शांति की दुहाई करना धर्म और परमात्मा के साथ सरासर अन्याय और धोखा है।
जैन संत ने कहां की मानवतावादी ताकत संगठित होकर हिंसा को रोकने के लिए आगे आए नहीं तो उनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। श्रीमती सरोज भटेवरा 34 उपवास भागोता 20 उपवास वीरेंद्र भागौता 19 उपवास साधना भागोता 28 उपवास सभी तपस्वीयो का अभिनंदन किया गया। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष संपत सांखला राजकोट संरक्षक उत्तम चंद संचेती राजकोट शोभा लालजी आचलीया गांधीनगर अहमदाबाद विनोद जैन ढोढर 10 गांवों के दिवाकर मंच के कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया। संचालन मंत्री रमेश भंडारी ने किया।