इंसान ही नहीं पेड़ पौधे पानी वनस्पति प्रकृति के प्रत्येक प्राणी की सुरक्षा और रक्षा का संकल्प लेना सच्ची धार्मिकता है – राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश

इंदौर महावीर भवन 29 अगस्त 2023 । असहाय निर्बल कमजोर चाहे भाई बहन माता-पिता पड़ोसी उसकी सुरक्षा के लिए निस्वार्थ भाव से कदम उठाना सच्चा रक्षाबंधन पर मानना है उक्त विचार राष्ट्र संत कमाल मुनी कमलेश ने रक्षाबंधन पूर्व संध्या परसंबोधित करते कहा कि यदि हम बहन को कमजोर मानकर दया भाव से राखी बांधते हैं उसके साथ अन्याय है उसमें आत्म बल मजबूत करना स्वाभिमान जागृत करना लक्ष्य होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन को किसी सीमाओं में कैद करना कभी उचित नहीं होगा यह भावनात्मक पर्व है दो कच्चे धागे में भी सैना से बढ़कर अनंत गुना शक्ति मौजूद है। मुनि कमलेश ने बताया कि इंसान ही नहीं पेड़ पौधे पानी वनस्पति प्रकृति के प्रत्येक प्राणी की सुरक्षा और रक्षा का संकल्प लेना सच्ची धार्मिकता है। राष्ट्र संत ने कहा कि हम सुरक्षा करके उन पर उपकार नहीं कर रहे हैं बल्कि उनकी रक्षा में ही हमारी सुरक्षा है।
जैन संत ने कहा कि अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली की ओर से पूरे देश के 18 राज्यों में कई स्थानों पर जेल में कैदियों के साथ सैनिक और पुलिस के साथ गौशाला में गायों के साथ वृक्ष के साथ एवं धरती माता के साथ रक्षाबंधन पर मना कर एक आदर्श प्रस्तुत करेंगे तपस्वी अक्षत मुनि जी के आज 31 उपवास है। रुचि संचेती 7 शेफाली के 12 शांतिलाल जी भंसाली के श्रीमती के 15 उपवास हैं, 6 से लेकर 15 उपवास तक कई तपस्वी ने प्रत्याख्यान लिए। 31 अगस्त को महावीर भवन में प्रातः 9:00 बजे सामूहिक रूप से रक्षाबंधन पर मनाया जाएगा।