आत्मा, महात्मा और परमात्मा पर भरोसा करो- आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा.

रतलाम, 1 सितंबर। हर कर्म के पीछे कोई न कोई कारण होता है। बिना कारण के कोई घटना नहीं होती है। बिना कर्म के परिणाम भी नहीं आता है। जब भी विपरित परिस्थिति आए तो उसके लिए हमें अपने कर्म को दोषी मानना चाहिए। किसी व्यक्ति या अन्य किसी को दोष नहीं देना चाहिए। भरोसा करना हो तो आत्मा, महात्मा और परमात्मा पर करो। यहीं हमें सहीं मार्ग दिखाकर उस पर चलने के लिए प्रेरित करते है।
यह बात आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा. ने मोहन टाकीज, सैलाना वालों की हवेली में चल रहे प्रवचन में कही। उन्होने कहा कि जीव का संसार अनादि हैं। जब भी विपरित परिस्थिति आती है, तो उसके लिए हमें अपने कर्म को दोषी मानना चाहिए। ईश्वर कर्म के हिसाब से आपका निर्माण करता है लेकिन हम वस्तु, व्यक्ति और परिस्थिति को गलत मानते है। हमने कभी अपने कर्म को गलत नहीं माना।
आचार्य श्री ने कहा कि ईश्वर कभी किसी को कुरूप, गरीब, दुखी नहीं बनाते है, वह तो दयालु है। हमें तो अपने कर्म का फल मिलता है। कोई गलत काम हमने भले ही इस जन्म में न किया हो लेकिन पिछले जन्म में कुछ तो गलत किया होगा। हीरा जब कीचड़ में गिरता है तो कीचड़ उसमें प्रवेश नहीं कर पाता लेकिन कीचड़ में हीरा प्रवेश कर लेता है। ठीक ऐसे ही आत्मा को साधना की आंच में यदि डाल दिया जाए तो वह धीरे-धीरे मोक्ष की ओर जाएगी। हमें अपनी आत्मा को कर्म से मुक्त करना है। प्रवचन के दौरान श्री देवसूर तपागच्छ चारथुई जैन श्रीसंघ गुजराती उपाश्रय, श्री ऋषभदेवजी केशरीमलजी जैन श्वेताम्बर तीर्थ पेढ़ी के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाएं उपस्थित रहे।
रविवार को द्वितीय चैलेंज यूथ शिविर
आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा की निश्रा में सैलाना वालों की हवेली मोहन टॉकीज में 3 सितंबर, रविवार को 16 से 30 साल तक के युवक-युवतियों के लिए चैलेंज यूथ विशेष शिविर आयोजित होगा। दूसरे शिविर लाभार्थी का लाभार्थी भी जैन सोश्यल ग्रुप मैत्री परिवार रहेगा।

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