श्री जैन दिवाकर पावन तीर्थ कोटा में श्री राकेशमुनि के सानिध्य में प्रेस कांफ्रेंस सम्पन्न

मुनिश्री ने कहा-वर्तमान में जैन सिद्धांत और अहिंसा का महत्व बढ़ता जा रहा है

कोटा 17 अगस्त (अभय सुराणा) । श्री जैन दिवाकर पावन तीर्थ, वल्लभबाड़ी कोटा में आज पत्रकारिता मीटिंग का आयोजन किया गया। इसमें कोटा के सम्माननीय पत्रकारगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में यहां विराजित पंडित रत्न उपप्रवर्तक श्री राकेश मुनि जी महाराज साहब ने जैन धर्म, अहिंसा, शाकाहार एवं आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
राकेश मुनि जी ने कहा कि जैन धर्म और सनातन धर्म दोनों ही अहिंसा एवं शाकाहार के सिद्धांतों को महत्व देते हैं। वर्तमान समय में जैन धर्म के सिद्धांतों और जीवन मूल्यों की प्रासंगिकता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि धर्म मनुष्य को आत्मचिंतन, संयम और सदाचार की ओर ले जाता है।मुनिश्री ने कहा वर्तमान में जैन सिद्धांत और अहिंसा का महत्व बढ़ता जा रहा है

1 अक्टूबर 2026 को होगा विशाल आध्यात्मिक आयोजन*
मुनि श्री ने बताया कि उपाध्याय प्रवर पूज्य श्री मूल मुनि जी महाराज साहब का पांचवां पुण्य स्मृति दिवस 1 अक्टूबर को विशाल स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर आध्यात्मिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें हजारों की संख्या में बाहर से श्रद्धालुओं एवं महानुभावों के पहुंचने की संभावना है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में मेवाड़ के महाराणा श्री विश्वराज सिंह जी मेवाड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधियों के भी पधारने की संभावना है।
साधु साधना के क्षेत्र का है, राजनीति के नहीं – धर्म और राजनीति के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर राकेश मुनि जी महाराज साहब ने कहा कि *साधु को राजनीति में नहीं आना चाहिए। साधु साधना के क्षेत्र का होता है और साधना परमात्मा से जुड़ने का अवसर देती है। जब व्यक्ति परमात्मा से जुड़ गया, तो फिर राजनीति का क्या महत्व रह जाता है।
उन्होंने कहा कि *विनय में ही धर्म है।* विनय ज्ञान के माध्यम से आती है। ज्ञान का अर्थ केवल जानकारी प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने स्वरूप और कर्मों की जानकारी होना है। जब जीव को अपने कर्मों और अपनी वास्तविक स्थिति का ज्ञान हो जाता है, तब वह पापों से बचने का प्रयास करता है।

चातुर्मास में चल रही धर्म आराधना
श्री जैन दिवाकर पावन तीर्थ, वल्लभबाड़ी में वर्तमान में चतुरविध संघ के चातुर्मास के अंतर्गत विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक आराधनाएं चल रही हैं। इस दौरान त्याग, तप, संयम, साधना और धर्म के विभिन्न विषयों पर श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन अध्यक्ष महोदय द्वारा किया गया। पत्रकारिता मीटिंग में उपस्थित पत्रकारों ने मुनि श्री से विभिन्न विषयों पर संवाद किया और धर्म एवं समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्राप्त की।

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