शॉपिंग व पिकनिक दृष्टि कोण से तीर्थ की सुरक्षा व पवित्रता खतरें में है – मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.




तलेगांव/ पुणे। सिद्धितप से बनी तपोधरा तलेगांव श्रीसंघ में परोपकार सम्राट मोहनखेड़ा तीर्थ विकास प्रेरक गुरुदेव श्री ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा.के आज्ञानुवर्ती शिष्य वरिष्ठ मुनिप्रवर श्री पीयूषचंद्र विजयजी म.सा. मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.मुनिश्री प्रीतियश विजयजी आदि ठाणा 3 का यशस्वी धर्म अभिवृद्धि परिवर्तनकारी परमपथ चातुर्मास भव्य रुप से चल रहा है। इस रविवार को 9th Sunday special कार्यक्रम सिद्धाचल To सिद्धशिला शिविर भावयात्रा का आयोजन किया गया। करीब 5 घंटे तक संगीतमय आयोजन का श्रोतागण लाभ उठाते रहे। युवासंत मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.की प्रभावी शैली में आपश्री द्वारा रचित ग्रंथ वंदे सिद्धचलम् पर आधारित भावयात्रा का अद्भूत विवेचन किया गया। तलेगांव के जीरावला दादा को एवं गुरुदेव श्री राजेन्द्र सूरिजी महाराजा को वंदन करते हुए,भक्ति भावों के साथ सिद्धाचल तीर्थ पहुंचे। पांच चैत्यवंदनों की विधिसह तीर्थ की अजब गजब जानकारियों के साथ विवेचन किया गया। मुनिश्री ने बताया अनंतसिद्धों की पावनधरा पर आने वाली चौविसी के सभी तीर्थंकर प्रभु के समवशरण लगेंगे। इस भूमि पर महावीर प्रभु का समवोशरण लगा तब 64 इंद्र हाजिर थे। साधक अपनी साधना को सफल बनाने इस तीर्थ पर पधारते है। यहां का सुखद वातावरण सभी को मोह लेता है। मुनिश्री ने बताया तलेटी पर स्थित बाबू के देरासर में असक्त लोगों को दर्शन कर यात्रा करना चाहिये किंतु डोली का उपयोग-सहारा नहीं लेना चाहिए। इस पवित्र तीर्थ पर अभक्ष नही खाने चाहिये। यहां कर्म ख़पाने जाये,खरिदी करने नहीं। सोपिंग व पिकनिक दृष्टि कोण से तीर्थ की सुरक्षा व पवित्रता खतरें में है । कार्यक्रम के अंत में पंचम वर्षीतप तपस्वी श्री पीयूषचंद्र विजयजी म.सा.ने पच्चक्खाण व मांगलिक श्रवण कराया। सिद्धाचल तीर्थ के दो-दो भव्य पट्ट की स्थापना हुई व गुरुभगवंत के पाट समक्ष आकर्षक सुंदर- रंगोली पद्मावती महिला मंडल ने बनाई। सभी ने तहेदिल से इसकी प्रशंसा की। तीर्थ पट्ट के सामने प्रभु आरती का लाभ भवरजी नगौत्रा सोलंकी परिवार ने प्राप्त किया। मंगल दिवा
साह वसंतलाल फुलचंदजी मेहता द्वारा किया गया। संगीत प्रस्तुति हेतु मुंबई के भरत ओसवाल आये थे। इस भव्य 9th रविवारिक अनुष्ठान के सभी 13 लाभार्थी परिवार ने प्रभु पट्ट समक्ष दीप प्रज्जवलन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। संघ व्यवस्था प्रमुख अनिलजी मेहता भंवरजी सोलंकी ने आगामी आयोजन की जानकारी दी। लक्की ड्रा के तहत भाग्यशालीयों को पुरस्कृत किया गया।
13वीं पुण्यतिथि मनाई
राष्ट्रसंत शिरोमणि तपस्वी आचार्यदेव श्री हेमेंद्र सूरीश्वरजी म.सा.की 13वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस मौके पर तीनों गुरु भगवंत ने ऐसे ज्ञानी सरल स्वभावी तपस्वी गुरु भगवंत के गुणानुवाद कर चरण वंदन की।