
झुमरीतिलैया। श्री दिगम्बर जैन मंदिर के भगवान पारसनाथ की वरदानी छांव तले विश्व हितांकर विघ्न हरण चिंतामणि पारसनाथ के समक्ष अभिषेक ओर पूजन की किर्या के बाद भक्त समुदाय को संबोधित करते हुए। जैन संत मुनि श्री 108 सुयश सागर जी महाराज ने कहा कि जीवन में जो महत्त्व स्वास का है समाज में वही महत्व विश्वास का है विश्वास जीवन की स्वास है विश्वास जीवन की आस है विश्वास जीवन की प्यास है दुनिया विश्वास पर टिकी है जब तक विश्वास है तब तक दुनिया है विश्वास उठा की दुनिया भी उठ जाएगी लोग कहते हैं पृथ्वी शेषनाग पर टिकी है लेकिन मैं कहता हूं की दुनिया से शेषनाग पर नहीं टिकी है अपितु हमारे तुम्हारे विश्वास पर टिकी है विश्वास सृष्टि की बुनियाद है श्रद्धा जीवन की नीव है जीवन की इमारत श्रद्धा और विश्वास के मजबूत पायो पर ही तो खड़ी होती है पति का पत्नी पर विश्वास है तो जीवन में खुशियां है यह विश्वास टूटा और जीवन नर्क बन गया बाप का बेटे में और बेटे का बाप में विश्वास है तो रिश्तो में मधुरता है मिठास है यह विश्वास उठा की जीवन मैं कड़वाहट आई मालिक का नौकर पर विश्वास ना हो तो व्यापार ठप हो जाए और नौकर का मालिक पर से विश्वास जाता रहे तो सेवा एक पीड़ा दाई भूत बन जाएगा यह विश्वास ही तो है कि मैं बोलता हूं और तुम चले आते हो तथा तुम कहते हो और मैं बोलना शुरू कर देता हूं। उक्त जानकारी कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा, नवीन जैन ने दी।