


इंदौर महावीर भवन 20 सितंबर 2023 । आग से आग को नहीं बुझाया जा सकता वैसे क्रोध को क्रोध से तीन काल में समाप्त नहीं किया जा सकता। क्षमा से ही क्रोध को जीता जा सकता है। उक्त विचार राष्ट्रसंत कमल मुनी कमलेश ने सामूहिक क्षमापना पर्व परसंबोधित करते कहा कि क्रोध की ज्वाला आत्मा के सद्गुणों को जलाकर खाकर देती है आत्मा का सबसे खतरनाक शत्रु है क्रोध। उन्होंने कहा कि क्रोध में अंधा बना हुआ धार्मिक व्यक्ति की शैतान और राक्षस हो जाता है साधना आराधना अभिशाप बन जाती है। मुनि कमलेश ने बताया कि क्षमा से बढ़कर और कोई धर्म उपासना साधना नहीं हो सकती विश्व के सभी धर्म ने क्रोध को चांडाल बताया है।
राष्ट्र संत ने कहा कि एक पल का क्रोध परस्पर मित्रता के व्यवहार में जहर घोल देता है पल भर में रिश्ते समाप्त हो जाते हैं आत्मा को दुर्गति का मेहमान बनता क्रोध परमाणु बम से भी खतरनाक है। जैन संत ने कहा कि क्रोध से शरीर के हारमोंस जहरीले हो जाते हैं हार्ट अटैक ब्लड प्रेशर ब्रेन हेमरेज आदि असाध्य रोगों का शिकार हो जाता है।
अंत में कहा कि क्रोध पर विजेता विश्व विजेता से बढ़कर है क्रोध का दुष्प्रभाव इंसान तो क्या पशु पक्षी और संपूर्ण ब्रह्मांड पर पड़ता है।
श्री वर्तमान स्थानक वासी जैन ट्रस्ट महावीर भवन की ओर से अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली संत प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक महंत गोविंदाचार्य संघ के कार्य कारीअध्यक्ष अचल चौधरी आनंद तीर्थ महिला मंडल बहु मंडल संघ युवक संघ अनिल दुग्गड़ पवन तुलसीराम एवं पदाधिकारी को सम्मानित किया गया प्रकाश भटेवरा ने संचालन किया रमेश भंडारी ने आभार व्यक्त किया।