

रतलाम 26 सितम्बर। स्वच्छ भारत मिशनदृशहरी 2.0 के अंतर्गत नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मध्यप्रदेश शासन के मार्गदर्शन में नगरीय निकायों में कार्यरत डी-सिल्जिंग स्टाफ के लिए “यूज वाटर प्रबंधन” विषय पर क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन अलकापुरी सभागृह रतलाम में किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य डी-सिल्जिंग कर्मियों को सेप्टिक टैंक एवं फीकल स्लज के सुरक्षित प्रबंधन, डी-सिल्जिंग की मानक प्रक्रिया, कार्यस्थल पर सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) के उचित उपयोग तथा स्लज के सुरक्षित परिवहन एवं निपटान के संबंध में तकनीकी एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना रहा।
निगम आयुक्त अनिल भाना ने कहा कि क्षमता संवर्धन कार्यक्रम से डी-सिल्जिंग कर्मियों की तकनीकी दक्षता बढ़ने के साथ-साथ सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित होगा तथा नगरीय क्षेत्रों में यूज वाटर एवं फीकल स्लज के सुरक्षित एवं वैज्ञानिक प्रबंधन किए जाएंगे।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सेप्टिक टैंक की डी-सिल्जिंग/एम्प्टींग प्रक्रिया, मैनुअल एवं मैकेनिकल सफाई, फीकल स्लज की सुरक्षित हैंडलिंग, परिवहन एवं सुरक्षित निपटान के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। साथ ही कार्य के दौरान होने वाले संभावित जोखिमों तथा दुर्घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में पीपीई के सही तरीके से पहनने एवं उतारने (डोनिंग एण्ड डोफिंग), पीपीई के रखरखाव, उपयोग के दौरान आवश्यक सावधानियां एवं क्या करें क्या नहीं करें पर विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों को अपनाने तथा निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान मैनहोल एवं सेप्टिक टैंक की मैकेनिकल क्लीनिंग का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी आयोजित किया गया, जिसमें मशीनों एवं उपकरणों के सुरक्षित उपयोग की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त नगरीय क्षेत्रों में सड़क एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों की सफाई तथा अपशिष्ट/स्लज के सुरक्षित प्रबंधन से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई।
कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों के साथ ओपन सेशन एवं फीडबैक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डी-सिल्जिंग कार्य के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं तथा कार्य में सुधार के सुझावों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण में भाग लेने हेतु प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यशाला में संबंधित नगरीय निकायों के अधिकारी, स्वच्छता पर्यवेक्षक एवं डी-सिल्जिंग कार्य से जुड़े कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन एवं समूह छायाचित्र के साथ किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप में प्रदीप श्रीवास्तव, आशीष विश्वास, मुन्ना भट्ट, रजत जाधव एवं विशेष सहयोग राजेंद्र सिंह पवार, विनोद कामले अजय परमार करण सिंह रहे ।