न्याय अपने आप में धर्म का प्रतीक है साधना का राजमार्ग है और मोक्ष मार्ग का आधार है – राष्ट्र संत कमल मुनी कमलेश

इंदौर महावीर भवन 11 अक्टूबर 2023 । न्याय पर चलना उसकी रक्षा न्याय का समर्थन करना नंगी तलवार पर नंगे पांव चलने से भी अत्यंत दुष्कर काम है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनी कमलेश ने संबोधित करते कहा कि न्याय अपने आप में धर्म का प्रतीक है साधना का राजमार्ग है और मोक्ष मार्ग का आधार है।
उन्होंने कहा कि न्याय को अनदेखा करके धर्म उपासना करना मुर्दे को श्रृंगार करने के समान न्याय ही भगवान का दूसरा रूप होता। मुनि कमलेश ने बताया कि न्याय करते समय भाई भतीजा वाद से ऊपर उठ करके निष्पक्ष होना अत्यंत जरूरी है। राष्ट्रसंत ने कहा कि अन्याय के सामने घुटने टैकना न्याय की हत्या करने के समान होता है मौत से नहीं डरने वाला ही न्याय की रक्षा कर सकता है। जैन संत ने कहा कि समान भाव से न्याय देने वाला ही लोकप्रिय बनता दुनिया में मार कर भी अमर हो जाता है दूसरों के लिए प्रेरणास्पत बनता है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली भागवत कथा प्रकोष्ठ के संयोजक पंडित गासी लाल जी ने बताया मुनि कमलेश समान भाव से प्राणी मात्र के प्रति जो न्याय की भावना है वह हम सबको आकर्षित करती है प्रेरित करती है इसी कारण देश में उनके लाखों दीवाने हमारे जैसे संत भी बने हुए हैं मंच की महिला शाखा की प्रमिला जैन सरोज कावड़िया एवं पंडित कथा वाचक का संघ की ओर से सम्मान किया गया।