आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा में हुई वीर वंदना

  • भगवान महावीर की आराधना में हजारों दीप जलाए
  • सुबह 5 बजे हजारों श्रावक श्राविकाएं हुए उपस्थित

रतलाम, 13 नवंबर। भगवान महावीर के 2550वे निर्वाण कल्याणक निमित्त आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा में सोमवार को वीर वंदना का आयोजन हुआ। इसमें सूर्योदय से पूर्व तड़के 5 बजे सैलाना वालों की हवेली मोहन टाकीज में हजारों दीपों की झिलमिलाहट के बीच हजारों श्रावक श्राविकाएं शामिल हुए द्य
श्री देवसूर तपागच्छ चारथुई जैन श्रीसंघ गुजराती उपाश्रय, श्री ऋषभदेवजी केशरीमलजी जैन श्वेताम्बर तीर्थ पेढ़ी के तत्वावधान में हुए इस आयोजन के दौरान आचार्य श्री की निश्रा में प्रभु महावीर के अंतिम समवसरण की साक्षात रचना की गई। सुबह में गीत-संगीत के साथ आचार्य श्री की संवेदना के साथ प्रभु का निर्वाण कल्याणक मनाया गया। इस अवसर पर सभी श्रावक सफेद वस्त्र और श्राविकाएं केशरिया वस्त्रों में नजर आई। प्रभु की वंदना के दौरान सभी ने दीप जलाकर आरती की। एक साथ हजारों दीपों की जगमगाहट से पूरे परिसर में उजियारा ही उजियारा छा गया।
आचार्य श्री ने इस मौके पर भगवान महावीर बनने के पांच स्टेप बताए द्य उन्होंने कहा एक महावीर दिल में चाहिए, दो महावीर के मिलने के बाद उनकी पहचान होना चाहिए, तीन महावीर हमे पसंद आने चाहिए, चार महावीर के मार्ग पर चलना आना चाहिए और पांच मुझे महावीर बनना चाहिएद्य यदि ये 5 स्टेप आ गई, तो समझना हम महावीर बनने की रह पर है। इन सब स्टेप के लिए जबरदस्त पुण्य होना चाहिए। आचार्य श्री ने कहां की आज कल बच्चे कार्टून और फिल्मी एक्टर को पसंद करते है और उनके फैन बनते है। हमे बच्चों को प्रभु का फैन बनाना है। कार्यक्रम के पश्चात नवकारसी हुई। इसके लाभार्थी शांताकुमारी इन्दरमलजी जैन (वकील) दिनेश – वर्षा जैन- रक्षिता-दविशा, निवासी जैन कॉलोनी रहे।
महामांगलिक मंगलवार को होगा
आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म. सा. के मुखारविंद से नवस्मरण एवं गौतम स्वामीजी का रास महामांगलिक के रूप में श्रवण कराया जाएगा। उक्त आयोजन सैलाना वालों की हवेली मोहन टाॅकीज में प्रात 6 बजे शुरू होगा। श्री देवसूर तपागच्छ चारथुई जैन श्रीसंघ गुजराती उपाश्रय, श्री ऋषभदेवजी केशरीमलजी जैन श्वेताम्बर तीर्थ पेढ़ी द्वारा धर्मालुजनों से अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्मलाभ लेने का आव्हान किया है। इस अवसर पर प्रभावना के लाभार्थी श्री जैनानंद युवक मंडल रहेगा।