शुभम रेसिडेंसी, तेजा नगर में दो दिवसीय विशेष प्रवचन सम्पन्न


रतलाम, 25 नवंबर। आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा में शनिवार को शुभम रेसिडेंसी, तेजा नगर में दो दिवसीय विशेष प्रवचन सम्पन्न हुए । इस दिन आचार्य श्री ने “यात्रा शुद्धि से सिद्धि की ओर” विषय पर विशेष प्रवचन देते हुए कहा कि 21 वी सदी में कैंसर, किडनी, अटैक, बीपी से भी खतरनाक बीमारी यदि कोई है तो वह डिप्रेशन है और यदि इससे बचना है, तो मन में जमा कचरे को बाहर करना होगा।
आचार्य श्री ने कहा कि जीवन में प्रसन्नता का एक ही मंत्र है, आप कैमरे की तरह चीजें जीवन में संग्रहित न करें, आईने की तरह सभी को स्वीकार करें। हम अपने मोबाइल में अच्छी चीज तो सेव करते हैं और बुरी डिलीट कर देते है, लेकिन मन में ऐसा नहीं करते हैं। डिप्रेशन से बचने के लिए हमें सिर्फ इतना करना है कि यदि कोई गलती करे तो आप उसे भूल जाएं, मन में गांठ बांधकर न रखें। क्योंकि महाभारत भी दुर्योधन के द्वारा मन में गांठ बांधे रखने से हुई थी। आज सास-बहू की, पिता-पुत्र की गलती भूलने को तैयार नहीं है। इन्हीं कारणों से हम डिप्रेशन में हैं।
आचार्य श्री ने कहा कि यात्रा को सिद्धि की ओर ले जाने के तीन विकल्प- बहते रहना, बरसना है और बोना है। नदी बहती रहती है इसलिए स्वच्छ है, तालाब में पानी जमा रहता है, इसलिए वह गंदा हो जाता है। ठीक ऐसे ही हमें अपने मन को नदी की तरह बहता हुआ रखना है। बादल बरस कर हल्के होते हैं, ऐसे ही आप भी प्रेम, शक्ति, संपत्ति, समय जो हो वह देने को राजी हो जाओ, क्योकि हम जो बोते हैं, उसी का उदय होता है।
मोहन टॉकीज में रविवार को विशेष प्रवचन, सोमवार को चातुर्मास परिवर्तन
आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा में 26 नवंबर, रविवार को सैलाना वालों की हवेली, मोहन टॉकीज में “चातुर्मास पूर्ण विराम या अल्पविराम” विषय पर विशेष प्रवचन होंगे। प्रवचन का समय प्रातः 9.15 से 10.30 बजे तक होंगे। इसी प्रकार 27 नवंबर को जैन कॉलोनी में चातुर्मास परिवर्तन एवं श्री शत्रुंजय तीर्थ की भाव यात्रा का आयोजन होगा। प्रातः 6.30 बजे आचार्य श्री गाजे – बाजे के साथ सेठजी का बाजार से चातुर्मास परिवर्तन हेतु प्रस्थान करेंगे। इसके पश्चात प्रातः 7 बजे जैन कालोनी में श्री शत्रुंजय तीर्थ की भाव यात्रा का आयोजन होगा। लाभार्थी श्री जैन कॉलोनी श्री संघ रहेगा। श्री देवसूर तपागच्छ चारथुई जैन श्रीसंघ गुजराती उपाश्रय, श्री ऋषभदेवजी केशरीमलजी जैन श्वेताम्बर तीर्थ पेढ़ी ने धर्मालुजनों से इस अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पधारने का आव्हान किया है।