अवैध हथियार की तस्करी करने वाले आरोपीगण को एक-एक वर्ष का सश्रम का कारावास एवं 1000-1000 रुपयें जुर्माना

जावरा । न्यायालय श्रीमान रोहित शर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जावरा, जिला रतलाम द्वारा अवैध हथियार की तस्करी करने वाले आरोपीगण (1) सिकन्दर पिता शेर खां, उम्र 35 साल निवासी कोटडी थाना अरनोद हालमुकाम रावण दरवाजा जावरा (2) युसुफ खान पिता सईद खान उम्र 38 साल, निवासी नजरबाग कोर्ट के पीछे, जावरा (3) शब्बीर खां पिता मुन्ना खां, उम्र 45 साल निवासी जुहालीपुरा, जावरा को आरोप सिद्ध पाये जाने से धारा 25(1-ख)(क) म.प्र.आयुद्य अधिनियम में एक-एक वर्ष सश्रम कारावास व 1000-1000 रुपयें अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। उक्त मामले की पैरवी श्री भुपेन्द्र कुमार सांगते, सहा. जिला अभियोजन अधिकारी जावरा जिला रतलाम द्वारा की गई ।
घटना का संक्षिप्त विवरण
जिला अभियोजन अधिकारी श्री जी.पी.घाटिया द्वारा बताया गया कि दिनांक 22.12.2016 को थाना रिंगनोद को सुचना प्राप्त हुई कि परवलिया के पास हाईवे रोड चौराहे पर सिकन्दर पिता शेर खां, पठान अवैध हथियार पिस्टल, रिवाल्वर दो व्यक्तियों को देने जा रहा है दबिश दी जाये तो तीनों व्यक्तियों को हथियार के साथ पकड़ा जा सकता है। सूचना के आधार पर पुलिस फोर्स लेकर मुखबिर द्वारा बताये गये स्थान पर पहुंचे। जहां सिकन्दर और दो व्यक्ति आये, जिन्हें हमराह फोर्स की मदद से पकड़ा गया, जिससे नाम पता पुछने पर पहले व्यक्ति ने अपना नाम सिकन्दर पिता शेर खां, पठान, दूसरे व तीसरे व्यक्ति ने अपना नाम युसुफ पिता शहीद खान, व शरीफ मोहम्मद पिता अली मोहम्मद, होना बताया। सिकन्दर की तलाशी लेने पर उसकी कमर में पिस्टल जिसे चैक करने पर उसमें दो जिंदा कारतूस मिले एवं कमर के दाहिने तरफ 06 राउण्ड की रिवाल्वर मिली, आरोपी युसुफ की तलाशी लेने पर उसकी कमर के पीछे दो देशी पिस्टल जिसके चैक करने पर एक-एक जिंदा कारतूस मिले, एवं आरोपी तीसरे व्यक्ति शरीफ की तलाशी लेने पर कमर के पीछे दो देशी पिस्टल मिली, जिसको चैक करते एक-एक जिंदा कारतुस मिले, आरोपी सिकन्दर, युसूफ व शरीफ से पिस्टल के लाईसेंस के संबंध में पूछताछ करने पर उनके द्वारा लाईसेंस नहीं होना बताया। आरोपीगण का कृत्य धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत दण्डनीय होने से जिसे पंचानों के समक्ष जप्त कर जप्ती-पत्रक बनाया गया एवं उन्हें गिरफ्तार कर गिरफ्तारी पत्रक बनाया गया। आरोपीगण के विरूद्ध अपराध धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण में अनुसंधान के दौरान आई साक्ष्य के आधार पर शब्बीर खां को आरोपी बनाया गया।
विवेचना में आरोपीगण के विरुद्ध अपराध धारा 25(1-ख)(क) म.प्र.आयुद्य अधिनियम का अपराध सिद्ध पाये जाने पर संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में अभियोजन की ओर सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री भुपेन्द्र कुमार सांगते द्वारा शासन की ओर से पैरवी कर साक्ष्य लेखबद्ध कराई गई।
माननीय न्यायालय द्वारा विचारण उपरांत साक्ष्य के आधार पर आरोपीगण सिकन्दर, युसुफ व शब्बीर खां के विरूद्ध आरोप सिद्ध पाये जाने से धारा 25(1-ख)(क) म.प्र.आयुद्य अधिनियम में एक-एक वर्ष सश्रम कारावास व 1000-1000 रुपयें अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। आरोपी शरीफ मोहम्मद पूर्व से फरार है।