- – 90 से 96 वर्ष के उम्रदराज पेंशनर्स का किया आयुष सम्मान
- – संगठन के अह्वान पर आंदोलन एवं संघर्ष करने का लिया सामूहिक संकल्प



रतलाम। पेंशन एवं ग्रेज्युटी सरकार की अनुकंपा पर निर्भर नहीं बल्कि कर्मचारी का विधिक अधिकार है। यह बात वरिष्ठ अधिवक्ता एवं विधिक सलाहकार आर.के. श्रीवास, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने कहीं। पेंशन-डे उपस्थित पेंशनरों को संबोधित करते हुए 1968 के हाईकोर्ट के एक और प्रकरण फैसले में कहा कि सरकार को कोई भी अधिकार नहीं है कि विभागीय जांच या आपराधिक प्रकरण में लंबित रहने के कारण पेंशन या ग्रेज्युटी रोक सकें। अनुभव की छाया में पलने वाले वरिष्ठजनों का सानिध्य पाकर मै स्वयं सौभाग्यशाली मानता हुं। जिस किसी भी वरिष्ठजन की समस्या या कठिनआई हो मैं हमेशा आपकी विधिक सेवा में तत्पर रहूंगा। श्रीवास ने कहा कि पेंशनर संबंधित विवाद प्रत्येक जिले में गठित ट्रिब्यूनल में ही विवादों का निराकरण किया जाए।
कार्यक्रम प्रारंभ में मां सरस्वती की प्रार्थना आशा श्रीवास्तव की वंदना गीत के साथ प्रारंभ हुआ। मुख्य अतिथि आर.के. श्रीवास एडवोकेट, विशिष्ठ अतिथि अश्विनी शर्मा अध्यक्ष संयुक्त श्रम संगठन, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष गीता राठौर, अध्यक्ष कीर्ति कुमार शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष एम.एल. भट्ट ने जस्टीस व्हाय. वी. चंद्रचूड़, डी.एस. नाकारा एवं सी.बी. राठौर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। अध्यक्ष कीर्तिकुमार शर्मा द्वारा स्वागत उदबोधन एवं पेंशनर दिवस क्यों मनाते है इस पर प्रकाश डाला।
प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन द्वारा उम्रदराज पेंशनर कृष्णराव नारले 96, मोहनलाल पचोरी 94, परमेश्वर सोडानी 92, रघुनाथ राव नवले 92, नंदलाल प्रजापति 90 वर्ष का शाल दुपट्टा प्रतीक चिन्ह भेंटकर पुष्पमाला के साथ आयुष सम्मान करतल ध्वनी से किया।
विशिष्ठ अतिथि अश्विनी शर्मा ने कहा कि पेंशनर-डे कार्यक्रम सीमित क्षणों का न रखते हुए पूरे दिन रखे। जिसमें, गेम, सांस्कृतिक, साहित्यिक गतिविधियां भी रखे। संगठन के आह्वान पर जब-जब भी कोई कार्य हो तो उसे पूरी शिद्दत के साथ शामिल रहे। तहसील अध्यक्ष हरिश कुमार बिंदल ने प्रोग्रेसिव पेंशनर्स संगठन म.प्र. के विधान एवं कार्यो के बारे में विचार रखे। एल. एन. उपाध्याय ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जयवंत गुप्ते, श्यामसुंदर भाटी, नफीसा द्वारा स्वयं की रचना एवं सुंदर गीतों की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पेंशनर्स सदस्यगण उपस्थित थे। पिपलौदा, आलोट, जावरा, बाजना, सैलाना, रावटी से वरिष्ठजनों ने भागीदारी की। संचालन सचिव एम.एल. नगावत ने किया व आभार प्रेम कुमार बेनावत ने माना।