जनसेवा के प्रति समर्पित नगर विधायक चैतन्य काश्यप का सरहानीय कदम

  • विधायक श्री काश्यप ने कहा- नहीं लेंगे वेतन भत्ते ओर पेंशन

रतलाम/ भोपाल, 21 दिसंबर। रतलाम के विधायक चेतन्य कश्यप पिछले 10 वर्षो से राज्य शाशन की ओर से मिलने वाले वेतन, भते ओर पेंशन को नही ले रहे है, अपने तीसरे कार्यकाल मे भी आज विधानसभा मे उक्त सुविधा लेने से मना कर दिया साथ ही इस पैसे से जनकल्याणकारी योजना मे लगाने की घोषणा की। विधायक चेतन्य काश्यप विधायक् बनने के पहले से हि जनकल्याणकारी कार्यो के लिए ओर आम जनता की सेवा के लिए अपने फाउंडेशन से खुद के पैसों से सेवा देते आ रहे है। आपने कई ऐसे प्रकल्प चला रखे है जिसकी वजह से रतलाम की जनता के साथ साथ आसपास के नागरिक भी लाभान्वित हो रहे है, यह उनकी समर्पण ओर सेवा निष्ठा को परिलक्षित करते है।
रतलाम विधायक चेतन्य काश्यप ने गुरूवार को राज्य विधानसभा में वेतन-भत्ते एवं पेंशन के समर्पण की घोषणा की। वे 2014 से लगातार विधायक है। इसी अवधि से वे वेतन भत्ते ग्रहण नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे राजनीति में जनसेवा के लिये आये हैं। राजनीति उनके लिये साध्य नहीं, सिर्फ जनसेवा का साधन मात्र है। राष्ट्रसेवा और जनसेवा उनका ध्येय है। वे किशोर अवस्था से ही समाज सेवा के कार्यों में अग्रसर है तथा अनेक सेवा प्रकल्पों का संचालन कर रहे हैं।
श्री काश्यप का कहना है कि ईश्वर ने उन्हें इस योग्य बनाया है कि वे जनसेवा में थोड़ा सा अवदान कर सकें। इसी तारतम्य में उन्होनें विधायक के रूप में प्राप्त होने वाले वेतन-भत्तों एवं पेंशन नहीं लेने का निश्चय किया है। 14 वीं एवं 15 वीं विधानसभा में भी उन्होनें वेतन-भत्ते ग्रहण नहीं किये थे ।
अपनी घोषणा में उन्होनें उल्लेख किया है कि वे चाहते हैं कि उन्हें प्राप्त होने वाले वेतन-भत्तों की राशि का राज्यकोष से ही आहरण नहीं हो, ताकि उस राशि का सदुपयोग प्रदेश के विकास और जनहित के कार्यों में हो सके।