



रतलाम । सरकार ने आपको सेवानिवृत किया है लेकिन हम आपको सेवानिवृत्ति नहीं दे रहे हैं । हमेशा आप हमारे गांव की मिट्टी से जुड़े रहे और हमेशा हमारे बच्चों को और हमें मार्गदर्शन देते रहें इसलिए ना कभी हम आपसे जुदा होंगे ना विदाई आपको हम देंगे । आपका शासकीय सेवा से सफर जरूर खत्म हुआ है लेकिन जिंदगी का सफर जब तक चलेगा आपको हमें याद करना होगा हमारे लिए आपको हमारे गुरुजी बनकर मार्ग प्रदर्शित करना होगा, राह दिखानी होगी ताकि हम कामयाबी की मंजिल पा सके । उक्त विचार किसी नेता मंत्री अधिकारी या साहित्यकार के नहीं है अपितु जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर ग्राम खाराखेड़ी के उन छोटे-छोटे विद्यार्थियों के हैं उनके पालकों के हैं, उनके भाई और बहनों के हैं, जो जिन्हें पढ़ाने के लिए विगत 37 वर्षों से आने वाले शिक्षक श्री दिनेश शर्मा के सेवानिवृत्ति समारोह में व्यक्त कर रहे थे ।
आंसुओं से डुबी हुई आंखें और मुरझाए हुए चेहरे के साथ लेकिन मन में अत्यंत भावुकता और सम्मान का भाव लेकर अपने शिक्षक के प्रति जो प्यार और स्नेह की वर्षा ग्राम वासी कर रहे थे ।
वह देखते ही बनती थी अपने प्रिय शिक्षक के प्रति कृतज्ञता का भाव लेकर प्रत्येक ग्रामवासी आ रहा था हाथ में कुछ ना कुछ लेकर अपने प्रिय सर को देने के लिए सम्मानित करने के लिए उन्हें बाहों में भरकर आशीर्वाद देने के लिए उक्त सेवानिवृत्ति समारोह कार्यक्रम के प्रत्यक्षदर्शी शिक्षक सांस्कृतिक संगठन के सचिव दिलीप वर्मा ने ने बताया कि वैसे तो कई शिक्षक सेवानिवृत्ति होते हैं लेकिन ऐसा सेवानिवृत्ति समारोह उन्होंने आज तक नहीं देखा । अपने बच्चों के प्रति ग्राम वासियों के प्रति किए गए कार्यों के लिए शिक्षक दिनेश शर्मा के प्रति जो ग्रामीणों ने प्यार दिखाया उत्साह दिखाया वह शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। ढोल नगाड़ों के साथ पुष्प वर्षा करते हुए उत्साह के गीत गाते हुए अपने सर के लिए लंबी आयु की प्रार्थना करते हुए उन्हें विदाई देने के लिए भरी आंखों से सड़क तक छोड़ने के लिए आए यह बेहद करुणामय दृश्य देखकर हर कोई रो रहा था स्मरण रहे कि शिक्षक दिनेश कुमार शर्मा विगत 37 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ रहे और सेवानिवृत्ति भी वहीं से हुए यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है । श्री वर्मा ने बताया कि 30 दिसंबर को शासकीय प्राथमिक विद्यालय खारा खेड़ी द्वारा श्री शर्मा के सम्मान मै समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संकुल प्राचार्य ममता अग्रवाल, अध्यक्षता कर रही डॉ. सुलोचना शर्मा, विशेष अतिथि धराड संकुल प्राचार्य समरध भूरिया, मांगरोल सरपंच भरत चौधरी, लायंस क्लब के सुरेश कटारिया, पूर्व सरपंच नरसिंग भाई, थावर भाई सालाखेड़ी, पूर्व सरपंच भगत चौधरी, मानक भाई, महेश शर्मा, कुंतल शर्मा, कैलाश शर्मा आदि मंचासीन थे । आरंभ में अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । स्वागत भाषण शिक्षिका किरण सिंह ने दिया । तत्पश्चात आयोजन समिति के अध्यक्ष गोपाल पाटीदार, शहजाद भाई, मोहम्मद हनीफ, जगदीश भाई,अंबाराम भाबर, जगदीश चौकीदार विद्यालय परिवार से श्रीमती वंदना अग्निहोत्री, रेखा पवार, ललिता कुशवाहा, प्रकाश शुक्ला, सज्जन पाड़ा से इंदर सिंह ठाकुर, अयाज खिलजी, मांगरोल से धर्मेंद्र चंद्रावत, वर्मा जी, अमजद भाई, दिलीप बाबर, प्यारेलाल, किशनलाल, राधेश्याम, रफीक भाई, राशिद भाई आदि ने शाल श्रीफल देकर श्री शर्मा का अभिनंदन किया । ग्राम वासियों और विद्यालय परिवार द्वारा अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया गया ।
अतिथियों ने अपने उद्बोधन में श्री शर्मा के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहां कि ग्रामीणों के प्रति तथा बच्चों के प्रति उनका प्यार और समर्पण अद्भुत है अभिनंदन के योग्य है सर्वश्री महेंद्र सिंह भाटी तथा राधे श्याम तोगड़े ने बच्चों ग्रामीण तथा शिक्षकों के लिए किए गए संघर्ष का उल्लेख करते हुए उन्हें एक आदर्श और जुझारू शिक्षक बताया भी । सम्मान के प्रति उत्तर में श्री शर्मा ने ग्रामीणों तथा पंचायत एवं अन्य लोगों तथा सामाजिक संस्थाओं के दिए गए सहयोग के लिए आभार जताया अभिनंदन पत्र का वाचन ललिता कुशवाहा ने किया । कार्यक्रम में गोपाल जोशी शिक्षक मंच के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण चंद्र ठाकुर, नरेंद्र सिंह राठौड़, रमेश उपाध्याय, भारती उपाध्याय, श्रीमती वीना छाजेड़, आरती त्रिवेदी, कल्पना पुरोहित, कविता राजपुरोहित, श्याम सुंदर भाटी दशरथ जोशी, मदनलाल मेहरा, मनोहर प्रजापति, महेश व्यास, संदीप निगम, कमलेश पालीवाल, राजेश जोशी, विजय यादव, विजय सिंह सोलंकी, अनिल जोशी, रमेश परमार, अर्पित मेहरा, उत्सव लाल सालवी प्रकाश चौहान यशवंत जेठाणिया विजय सिंह सोलंकी राजेंद्र जायसवाल, चेतन परिहार, राजेश डोरिया, शिक्षक मंच, लायंस क्लब के सदस्य गण तथा अनेक ग्रामीण जन उपस्थित थे, आभार वंदना अग्निहोत्री ने माना ।