आस्था और विश्वास धर्म के असली प्राण है – राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश

धूलिया गुरुद्वारा 10 जनवरी 2024 । डॉक्टर की बात को जितनी गंभीरता से लेते हैं उसे पर विश्वास करते हैं। क्या उतना विश्वास गुरु वाणी पर करते हैं क्या। उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने गुरुद्वारे में संबोधित करते कहा कि आस्था और विश्वास धर्म के असली प्राण है परमात्मा और मोक्ष का निवास है।
उन्होंने कहा कि बिना विश्वास से किया गया धार्मिक उपासना का आचरण मुर्दे को सिंगर करने के समान है। मुनि कमलेश ने बताया कि गुरु ग्रंथ साहब में सभी धर्म की शिक्षाओं का समावेश है महापुरुषों की वाणी से ही सदाचार और विश्व शांति संभव है। राष्ट्र संत ने स्पष्ट बताया कि दैनिक पेपर को बिना भेदभाव के पढ़ सकते हैं तो सभी धर्म ग्रंथो को समान भाव से पढ़ने वाला सब की अच्छाइयों को स्वीकार करने वाला ही सच्चा ज्ञानी है।
जैन संत ने कहा कि गुरुद्वारे के लंगर में सात्विक आहार बनता है प्रत्येक घर में वैसा ही होना चाहिए सात्विक आहार से ही सात्विक विचारों का निर्माण होता है। गुरु सिंह सभा के बाबा पीतम जी ने राष्ट्र संत का सुखमणि साहब ग्रंथ भेंट करके अभिनंदन किया और कहां की 2012 में मुनि कमलेश के द्वारा दोंडाईचा कत्ल खाना बंद करने में सिख समाज ने उत्साह पूर्वक भाग लिया वह बंद हुआ इसी तरह नशा मुक्ति गो रक्षा शाकाहार पर्यावरण हिंसा और आतंकवाद मुक्ति के लिए अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली के नेतृत्व में काम करने की घोषणा की। 12 जनवरी को मालेगांव पहुंचने की संभावना है।