रतलाम 11 जनवरी 2024। उद्यमिता विकास केंद्र मध्यप्रदेश सेडमैप द्वारा प्रदेश के प्रत्येक जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग भारत सरकार के तत्वावधान में कौशल विकास और उद्यमिता पर एक दिवस से लेकर डेढ़ माह तक के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षित करना तथा उद्यमिता विकास के प्रति जागरूक करना है।
सेडमैप की कार्यकारी संचालक श्रीमती अनुराधा सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के 53 जिलों में एक दिवसीय उद्यमिता जागरूकता शिविर सात दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम और डेढ़ महीने के लिए उद्यमिता सह कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। यह समस्त प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में 15 मार्च तक संपन्न कर लिए जाएंगे।
रोजगार, स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह निःशुल्क रखे गए हैं। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों द्वारा उद्यम स्थापना से संबंधित जानकारी के साथ शासकीय स्वरोजगार योजना की जानकारी भी दी जा रही है, साथ ही उद्योग स्थापना की इच्छुक व्यक्तियों की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया जा रहा है। कार्यक्रम इस प्रकार तैयार किए गए हैं कि युवाओं को व्यवहारिक, सैद्धांतिक शांति को प्रायोगिक प्रशिक्षण मिल सके तथा स्वरोजगार से जुड़े जो भी उनके संशय हैं वह दूर हो सके।
प्रदेश भर में 624 प्रशिक्षण के कार्यक्रमों के माध्यम से 22 हजार 700 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत 200 उद्यमिता सह कौशल विकास प्रशिक्षण में 6 हजरा 150, प्रबंध विकास कार्यक्रम में 3 हजार और 50 उद्यमिता जागरूकता शिविरों में 13 हजार 700 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इनमें सर्वाधिक 43 इंदौर में और 42 प्रशिक्षण कार्यक्रम भोपाल जिले में आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सम्मिलित होने वाले युवा जिला समन्वयकों से संपर्क कर सकते हैं जिनके बारे में वेबसाइट www.cedmapindia. mp.gov.in पर जानकारी उपलब्ध है।
मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिले की आवश्यकता अनुसार चयनित ट्रेड में 30-30 युवाओं के बैच को प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना पर तीव्र गति से काम किया जा रहा है ताकि युवाओं को उद्योग स्थापना और शासकीय योजनाओं की सही एवं सटीक जानकारी एक ही स्थान पर मिल सके तथा प्रदेश के युवा अपनी शक्ति और असीम ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग कर हुनरमंद बन सके। देश हो या विदेश, सभी जगह ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो कुशल तथा प्रशिक्षित हो, को ध्यान में रखते हुए सेडमैप द्वारा युवा शक्ति को जागरुक कर उन्हें कौशल से जोड़कर ऐसा हुनर प्रदान किया जा रहा है ताकि वे अपनी जीविका अपार्जन कुशलतापूर्वक कर सके तथा बेरोजगार नहीं रहे। वर्तमान समय की मांग के अनुरूप तकनीकी से सामंजस्य स्थापित करते हुए युवा स्वरोजगार देने वाले बन सके और उद्योगों की मांग भी पूरी कर सके। इसके लिए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने पर गंभीरतापूर्वक कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त उद्यमिता विकास केंद्र मध्यप्रदेश सेड़मैप द्वारा ऐसी व्यवस्था भी की गई है कि प्रशिक्षण के दौरान भी यदि युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार से जुड़ी कोई कठिनाई आए तो उसे दूर किया जा सके।