महापुरुषों ने जितना त्याग, संयम और मर्यादा का पालन किया उतने ही वह महान बने – राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश

निफाड़ (राम मंदिर चौक )। मानवीय मूल्यों का मापदंड धन वैभव सत्ता पद और प्रतिष्ठा जितनी ज्यादा है उतना वह महान है यह आज्ञान दशा है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने विशाल धर्म सभा को संबोधित करते कहा कि महापुरुषों ने जितना त्याग, संयम और मर्यादा का पालन किया उतने ही वह महान बने । मुनि कमलेश ने बताया कि रामकृष्ण और महावीर दया करुणा सद्भाव प्रेम को आत्मसात करके ही विश्व पूज नीय बने इन सद्गुणों को आत्मसात करने वाला ही सच्चा धार्मिक बनता है । उन्होंने कहा कि बुराई का प्रतीक रावण है अच्छाई का प्रतीक राम हम सबको मिलकर हिंसा आतंकवाद व्यसन भ्रष्टाचार पश्चात संस्कृति रूपी रावण से मानव समाज को मुक्ति दिलाने का संकल्प लेना है । राष्ट्र संत ने कहा कि संयम साधना और मर्यादा अपना कर ही सच्ची समृद्धि सुख और विश्व शांति को स्थापित की जा सकती हैं। जैन संत ने कहा कि शिक्षा चिकित्सा पर्यावरण गोरक्षा देश भक्ति का संकल्प लेकर प्रभु राम के चरणों में भेंट देनी है। इस पावन प्रसंग पर विधायक दिलीप कानकर पूर्व विधायक अनिल कदम नगर पालिका उपाध्यक्ष अनिल पाटिल ने राष्ट्र संत का अभिनंदन करते हुए गौशाला प्रारंभ करने का संकल्प करके गुरु भक्ति का परिचय दिया। संघ के अध्यक्ष नंदलाल जी चौघड़िया, मंत्री प्रशांत दूधे डीया श्री संघ की ओर से अभिनंदन किया। 26 जनवरी को नासिक पधारने की संभावना है।