गाय माता संस्कृति का प्राण, आर्थिकता का आधार और पर्यावरण के लिए ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण है – राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश

नासिक तबलीफाटा जैन दिवाकर आनंद गणेश गौशाला 21 फरवरी 2024 । गाय माता करुणा और वात्सल्य की स्रोत है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने जैन दिवाकर आनंद गणेश गौशाला उद्घाटन समारोह को संबोधित करते कहा कि गाय माता का कोई विकल्प नहीं है हीरे माणक मोती से कीमती है।
उन्होंने कहा कि विश्व की संपूर्ण संपत्ति दान देकर भी सरकार और विज्ञान एक गाय का निर्माण नहीं कर सकती ऐसी कोई इंडस्ट्रीज नहीं है । मुनि कमलेश ने बताया कि हम रक्षा की बात कर उन पर एहसान नहीं कर रहे हैं उनके रक्षा में ही हमारी रक्षा है ।
राष्ट्रसंत ने कहा कि इंसान के बिना पशु जंगल में भी जीवित रह सकता है लेकिन पशु के बिना इंसान एक पल भी जीवित नहीं दे सकता है पशुओं का कत्ल इंसान के कत्ल से बढ़कर है । जैन संत ने बताया कि गाय माता संस्कृति का प्राण आर्थिकता का आधार और पर्यावरण के लिए ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण है ।
जय कालिका माता एजुकेशन संस्था प्रमुख के मनोहर भोए ने राष्ट्र संत का अभिनंदन किया। 60 गायों की गौशाला का उद्घाटन कमलाबाई हरिश टाटिया के कर कमल द्वारा किया गया प्रशासनिक अधिकारी मुख्य तिथि के रूप में सुशोभित थे ।

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