

रतलाम। कुपोषण एक अभिषाप स्वर्णिम स्वच्छ स्वस्थ समृद्ध भविष्य के लिए 0 से 16 वर्ष आयु के बच्चों के लिए प्रतिमाह के पुष्य नक्षत्र पर 2 बूंद सुवर्णप्राशन आयुर्वेदिक दवा टीकाकरण आरोग्य भारती निर्मल सेवा संस्थान स्वास्थ्य प्रकल्प के दौरान डॅा.निर्मला डांगी व सदस्यों द्वारा शिविरों के माध्यम से पिलाई जा रहीं हैं स्वस्थ ग्राम स्वस्थ शहर सर्व समाज हित के लिए सशुल्क शिविर सामाजिक संगठनों संस्थाओं के सहयोगी बन शासकीय अशासकीय स्कूलों में बच्चों को पिलाई जाएगी
विशाल कुमार वर्मा ने बताया कि सुवर्णप्राशन जो बच्चों के किए जाने वाले 16 संस्कारों में से एक संस्कार है जिसका वर्णन आयुर्वेद के बालरोग ग्रंथ कश्यप संहिता में महर्षि कश्यप ने किया है बच्चे की बुद्धि बल याददाश्त रंग पाचन क्रिया के विकास के साथ बलशाली बनाने सभी प्रकार की ऐलर्जी से बचाने रोग प्रतिरोधक छमता बढाकर बारबार बीमार होने कुपोषण से रोककर पुर्ण विकास में सहायक हैं रात को बिस्तर गीला करने की आदत छुटती है साथ ही 1 वर्ष के बाद भी चलने या बोलने में असमर्थ होने पर सुवर्णप्राशन लाभदायक है।